छत्तीसगढ़

पटवारियों के खिलाफ सरकार हुई सख्‍त, 24 घंटे में काम पर नहीं लौटे तो होगी गिरफ्तारी

Patwari Strike in Chhattisgarh: पटवारियों की हड़ताल की वजह से लोग परेशान हैं और न तो संघ झुकने के लिए तैयार है और न ही प्रशासन की ओर से काेई पहल की जा रही है। इसी बीच एस्मा लगाए भी चार दिन बीत चुके हैं और कलेक्टरों द्वारा दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम भी खत्म हो गया है। ऐसे में साेमवार तक अगर पटवारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

सरकार की हिदायत- पटवारी प्रतिवेदन की वजह से न अटकाएं कोई भी काम

इसी बीच रायपुर जिले सहित प्रदेशभर में अब पटवारियों के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है। राजधानी के माना-तूता में चल रहे इनके प्रदर्शन को कुचलने के लिए पंडाल हटाने की चेतावनी दी गई है और 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने की हिदायत एक बार फिर एसडीएम द्वारा दिए गए हैं। जबकि दुर्ग जिले में तो एफआइआर करने भी जानकारी मिल रही है।

एस्मा लगाए चार दिन बीते, कलेक्टरों का अल्टीमेटम भी खत्म

साथ ही प्रवेश, भर्ती सहित युवाओं के कार्य को देखते हुए सामान्य प्रशासन ने आदेश जारी कर आय, जाति सहित आनलाइन रिकार्ड के लिए पटवारी प्रतिवेदन पर निर्भर नहीं रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियां न हों। वहीं, प्रशासन की ओर से इन्हें चर्चा करने के लिए नहीं बुलाया जा रहा है और न ही पटवारी संघ झुकने के मूड में दिखाई दे रहा है। इसी बीच पिछले 27 दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन की वजह से लाेग तहसील और पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

आनलाइन रिकार्ड और जिला रिकार्ड रूम से चलाएं काम

सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेशानुसार जाति प्रमाण पत्र के लिए वांछित भू-अभिलेख, मिसल, अभिलेख, जनगणना अभिलेख, दाखिल खारिज रजिस्टर, जमाबंदी एवं खसरे की नकल जिसमें आवेदक एवं उसके परिवार के किसी सदस्य की जाति अंकित होती है, उसी आधार पर जिला अभिलेखागार एवं विभागीय आनलाइन पोर्टल के आधार पर कार्य आगे बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है।

जाति के लिए ग्राम पंचायत सचिव के प्रस्ताव पर भी मान्य

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) नियम, 2013 के नियम 3 के अनुसार आवेदक से वंशावली प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि यह वंशावली अभिलेखों से पुष्ट है, तो इसकी आवश्यकता नहीं होती, फिर भी आवश्यकता पड़ने पर वंशावली ग्राम पंचायत सचिव अथवा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

छत्‍तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप ने कहा, हमारा आंदोलन जारी रहेगा, जब तक प्रशासन की ओर से हमें चर्चा के लिए बुलावा नहीं आएगा, हम मिलने नहीं जाएंगे। हमारा आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन को जो भी सख्ती करनी है, वे स्वतंत्र हैं, कर सकते हैं। हम नहीं झ़ुकने वाले हैं। हमारी मांगे काफी पुरानी हैं और आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिल रहा है।

रायपुर राजस्व विभाग के सचिव एनएन एक्का ने कहा, सभी कलेक्टरों को पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्हीं की ओर से कार्रवाई की जाएगी। कुछ पटवारी एस्मा के बाद से हड़ताल से वापस लौट रहे हैं। इनकी गैर मौजूदगी में कार्य संपादित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आरआइ के विकल्प पर भी काम किया जा रहा है।

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