छत्तीसगढ़

सरकार-पटवारियों के बीच वार्ता विफल, आज आंदोलनकारी पटवारी ले सकते हैं निर्णायक फैसला

CG Patwari Strike: छत्तीसगढ़ में 15 मई से चल रही पटवारियों की हड़ताल को लेकर अभी तक सरकार- पटवारी संघ के बीच सहमति नहीं बन पाई। सोमवार को राजस्व विभाग के सचिव नीलम एन. एक्का और राजस्व पटवारी संघ के बीच करीब एक घंटे चली वार्ता विफल रही। पटवारी संघ का दावा है कि उनकी नौ मांगों में से किसी भी मांग पर कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।

सरकार- पटवारियों के बीच चली एक घंटे की वार्ता विफल, एक्शन में प्रशासन

संघ प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप ने हड़ताल जारी रखने की घोषणा करते हुए मंगलवार को अंतिम निर्णय लेने की बात कही है। जबकि राजस्व सचिव नीलम नामदेव एक्का ने बताया कि पटवारियों की हर मांग पर चर्चा हुई है। कुछ मांगों पर सहमति हुई तो वहीं कुछ पर असहमति जताई गई, क्योंकि हर मांग पूरी नहीं हो सकती हैं। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है। पटवारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो आगे कार्रवाई तेज होगी।

कबीरधाम में उखाड़ा पंडाल

राज्य सरकार के निर्देश पर जिलों में पटवारियों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में है। कबीरधाम में पटवारियों के धरना स्थल पर लगा पंडाल प्रशासन ने उखड़वा दिया। इसके अलावा उनके घरों के बाहर नोटिस चस्पा कर काम पर लौटने को कहा गया है। राजनांदगांव में भी पटवारियों को नोटिस दिया गया है। राज्य सरकार ने सात जून को एस्मा लगा दिया है। यह तीन महीने तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में यदि पटवारी हड़ताल से नहीं लौटे तो पर उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। रायपुर समेत प्रदेश के तमाम जिलों में पटवारियों की हड़ताल जारी है।

ये काम हो रहे प्रभावित

शिक्षा सत्र चालू रहा है। रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। ऐसे में जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र के सारे काम ठप पड़े हुए हैं। राजस्व के सीमांकन, बटांकन और नामांतरण के मामले भी प्रभावित हैं।

ये हैं पटवारी संघ की मांगे

पटवारियों की पहली मांग में वेतन विसंगति को दूर कर वेतन में बढ़ोत्तरी करने, वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन देने, राजस्व निरीक्षक के कुल पदों में 50 प्रतिशत पर पटवारियों के वरिष्ठता के आधार पर और 50 प्रतिशत पदों पर विभागीय परीक्षा के आधार पर प्रमोशन दिया जाए। दूसरी मांग में पांच वर्ष पूर्ण कर चुके पटवारियों को राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों में संसाधन और भत्ता दिया जाए। स्टेश्ननरी भत्ता दिया जाए, अतिरिक्त हल्के के प्रभार का भत्ता, पटवारी भर्ती के लिए योग्यता स्नातक करने, मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त करने और बिना विभागीय जांच के एफआइआर दर्ज नहीं करने की मांग शामिल है।

तहसीलों में बढ़ाएंगे सुरक्षा, संलग्नीकरण होगा खत्म

तहसीलों में हो रही आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। राजस्व विभाग ने सोमवार को सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर कनिष्ठ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन शासन को सौंपा था। इसके बाद यह निर्णय लेते हुए तहसीलदारों की मांग पर शासन द्वारा मुहर लगाई गई है।

वर्तमान में बढ़ते कार्य की अधिकता के बीच तहसीलदारों की मांग पर संज्ञान लेते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सचिव द्वारा सभी कलेक्टरों को तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के अलावा उनके मूल कार्य के विरुद्ध भू-अभिलेख शाखा में संलग्नीकरण नहीं किए जाने के संदर्भ में भी आदेश जारी किया है। वहीं अधीक्षक, सहायक अधीक्षकों को तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्य नहीं दिए जाने के भी निर्देश जारी किए हैं।

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