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जीएसटी रिटर्न में भूल सुधार का मौका मिलेगा

जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर आ रही अनियमितता को करदाता अब पोर्टल पर एक फॉर्म में समझ सकेंगे. अब तक विभाग नोटिस देता था जिसका जवाब करदाता लिखित में देता था. हाल में ऐसी सुविधा दी गई है, जिसमें जीएसटी आर-1 और आर-3बी के टैक्स में अनियमितता आती है तो करदाता को तुरंत पोर्टल सिस्टम से नोटिस भेज दिया जाएगा.

तकनीकी त्रुटि से कम टैक्स भरा गया तो एक अन्य फॉर्म भरकर बकाया टैक्स करदाता जमा करवा सकते हैं. साथ ही पहले अधिक टैक्स भर दिया हो, इस कारण अभी कम भरा है तो यह भी वहां उस में स्पष्ट किया जा सकता है. नोटिस भेजे जाने के सात दिन में यह फॉर्म भरकर जवाब देना होगा. जवाब न देने पर करदाता अगले महीने का रिटर्न नहीं भर सकेंगे. जवाब देने के तुरंत बाद रिटर्न भर सकेंगे.

सीबीआईसी के चेयरमैन विवेक जोहरी के मुताबिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को मजबूत करने के लिए कई तरह के तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब जीएसटी प्रणाली में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे जीएसटी पंजीकरण पाने के लिए अन्य लोगों के पैन और आधार का दुरुपयोग करने वाले धोखेबाजी पर नकेल कसी जा सकेगी. जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया में और सख्ती पर भी विचार हो रहा है.

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