दुर्ग संभागअपराध

सहायक खनिज अधिकारी को 7 साल की सजाएंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने की थी कार्रवाई

दुर्ग. सरकारी नौकरी के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) आदित्य जोशी की अदालत में फैसला सुनाया गया. दोष साबित होने पर दुर्ग के तत्कालीन सहायक खनिज आधिकारी गणेश राम कुम्हारे को 7 साल कारावास की सजा सुनाई. न्यायालय ने उस पर 20000 रुपए अर्थदंड लगाया. विशेष लोक अभियोजक जाहिदा परवीन ने बताया कि माइनिंग अधिकारी के विरुद्ध मजबूत साक्ष्यों के चलते अदालत ने उसे दंडित किया.
एसीबी ने अभियुक्त गणेश कुमार कुम्हारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर प्रकरण को विचारण के लिए अदालत में पेश किया था. मामले में 21 दिसंबर 2016 को पहली बार सुनवाई हुई थी. प्रकरण में विचारण के बाद स्पेशल कोर्ट ने अभियुक्त सहायक खनिज अधिकारी गणेशराम को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाया. जिस पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) ई तथा 13 (2 ) के तहत दोषी करार देते हुए 7 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई. उस पर बीस हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया. विशेष लोक अभियोजक जाहिदा परवीन ने बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के ठोस प्रमाण थे और पुलिस ने अच्छी तरह से विवेचना करने के बाद उम्दा साक्ष्य सामग्री जुटाकर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था.
मामला 2010 का
यह मामला वर्ष 2010 का है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गुप्त सूचना के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने विजय नगर दुर्ग निवासी सहायक खनिज अधिकारी गणेश कुमार कुम्हारे के निवास पर 11 अक्टूबर 2010 को दबिश दी थी. एसीबी के तत्कालीन डीएसपी लोचन पांडे के नेतृत्व में यह दबिश दी गई थी. 1 जनवरी 2004 से 12 अक्टूबर 2010 तक 6 साल की शासकीय नौकरी के दौरान 2 करोड़ 20 लाख 51 हज़ार 378 रुपए की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था.

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