छत्तीसगढ़

बाढ़ नियंत्रण की ड्यूटी से नदारद रहे दो अधिकारी, जलभराव के कारण हुए सस्पेंड

Raipur News बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी कार्य में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है। इसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त द्वारा दो उप अभियंताओं ( सब इंजीनियर) को निलंबित किया गया है। ये लापरवाही सामने आने के बाद जल भराव रोकने के नगर निगम के दावों की पोल खुल गई है। जहां नगर निगम के दो अधिकारियों की लापरवाही उनके लिए ही मुसीबत बन गई। ड्यूटी पर जाने की बजाए ये दोनों सब इंजीनियर छुट्‌टी मना रहे थे। इनका जिम्मा जल भराव वाली जगहों पर व्यवस्था को देखना और दुरुस्त करना था। लेकिन इन अफसरों की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना हरकत ही इनके सस्पेंड का कारण बन गई।

दरअसल, सब इंजीनियर अक्षय भारद्वाज और फारुखी की ड्यूटी 28 जुलाई रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए बाढ़ नियंत्रण व जलभराव की शिकायतें सुनने, जोन और मुख्यालय के बीच समन्वय स्थापित करने और निराकरण करने के लिए लगाई गई थी। लेकिन इसके बावजूद वे दोनों ही सब इंजीनियर कार्य से नदारद रहे। इसी बीच 28 जुलाई की ही रात में जमकर बारिश हुई, जिसके बाद भाठागांव सहित शहर के अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव की समस्या देखने को मिली।

वहीं, नियंत्रण कार्यालय में न तो इसकी शिकायत ही दर्ज पाई गई और न ही किसी भी मामले में निराकरण करने के लिए समन्वय स्थापित कर कार्य किया गया। इसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने जन आक्रोश को देखते हुए निगम की छवि धूमिल करने के मामले का दोषी पाते हुए दोनों ही उप अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय अटैच किया है। नगर निगम के आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने इन्हें निलंबित करने का आदेश दिया। नगर निगम के पास लगभग 20 इलाकों से जल भराव की शिकायतें मिल रही थीं।

निगम आयुक्त मयंत चतुर्वेदी ने आदेश में लिखा है कि इन अधिकारियों की लापरवाही से जलभराव की स्थिति पैदा हुई एवं समय पर निराकरण नहीं होने से जनआक्रोश का सामना करना पड़ा। इससे निगम की छवि धूमिल हुई। दोनों उप अभियंताओं का यह कृत्य निगम हित एवं जनहित में न होकर एक गंभीर दुराचरण की श्रेणी में आता है। आयुक्त ने लापरवाही एवं समय पर दिये गये उत्तरदायित्व का समय पर निर्वहन नहीं करने की वजह से एक्शन लिया।

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