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स्वास्थ्य अधिकारी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर, केंद्रों में ओपीडी बंद

महासमुंद. सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने तीन सूत्रीय मांग को लेकर पटवारी कार्यालय के सामने हड़ताल शुरू कर दी है. हड़ताल के कारण स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी बंद रही. इसके अलावा वेलनेस सेंटरों में भी ताले लटके रहे.

संघ की जिला अध्यक्ष कमला तिवारी, रूपेश चक्रधारी ने बताया कि जिले में कुल 150 सामुदायिक अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की ओपीडी और ऑनलाइन डाटा भेजने का कार्य ठप पड़ गया है. सभी कर्मचारी पटवारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं. जब तक हमारी मांगें पूर्ण नहीं होंगी, अनिश्चलकालीन हड़ताल जारी रहेगी. हमारी मुख्य मांग प्रतिमाह 15 तारीख से पहले मानदेय भुगतान करने, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानांतरण का लाभ और कांकेर जिला संयोजक पवन वर्मा की बहाली को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. कमला तिवारी ने बताया कि पूर्व में भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं. उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. कई कर्मचारियों को 10 माह से भुगतान नहीं हुआ है. नियमानुसार प्रत्येक माह के 15 तारीख के भीतर भुगतान का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने 18 से 20 जून तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग कार्य का बहिष्कार किया था. अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओपीडी भी बंद कर दी गई है. कमला ने बताया कि महासमुंद में सितंबर 2023 से मई 2024 तक का पीएलपी लंबित है. पिथौरा में अगस्त 2023 से मई 2024, बसना और सरायपाली में नवंबर 2023 से मई 2024 लगभग सात महीने का लंबित है. हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों वेलनेस सेंटर भी बंद रहे. आयुष्मान कार्ड भी नहीं बनाए जा रहे हैं.

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