राष्ट्रीयट्रेंडिंग

आम बजट में आधुनिक बुनियादी ढांचे का होगा रोडमैप

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 के पहले आम बजट में देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे का खाका खींचा जाएगा. सरकार ने देश में अगले 25 साल की जरूरतों के अनुसार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, एक्सेस कंट्रोल हाईवे, पोर्ट, इंटरनेशनल व बार्डर रोड कनेक्टिविटी, रोपवे परियोजनाओं संबंधी प्रस्ताव तैयार किए हैं. इनकी घोषणा आम बजट में होने की पूरी संभावना है. इन पर लगभग 19.92 लाख करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे.

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 2022 से एक विस्तृत अध्ययन कर राजमार्ग क्षेत्र के लिए विजन-2047 का मास्टर प्लान तैयार किया है. ‘हिन्दुस्तान’ के पास इसकी कॉपी मौजूद है. सरकार में उच्च पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विजन-2047 के मास्टर प्लान की घोषणा आम बजट में होने की संभावना है.

बजट में आगामी 25 वर्षों के लिए 29,947 किलोमीटर नए एक्सप्रेस-वे, एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी. वर्तमान में यह 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है. सरकार देश के पूर्व से पश्चिम व उत्तर से दक्षिण भाग में आसान पहुंच के अनुसार हाईवे और एक्सप्रेस-वे बनाएगी. जिससे कम से कम 100 किलोमीटर के भीतर देश के सभी नागरिकों की वहां तक पहुंच बन सके. वे हाई स्पीड पर लंबी दूरी तय कर सकेंगे.

सभी एक्सप्रेस-वे और हाईवे टोल प्लाजा मुक्त होंगे एवं जीपीएस आधारित टोल टैक्स की सुविधा होगी. वर्तमान में देश में 4000 किलोमीटर हाई स्पीड कॉरिडोर हैं जबकि, 6000 किलोमीटर हाई स्पीड कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं.

60 शहरों में 12 हजार यात्री सुविधा केंद्र ट्रैफिक कंजेशन को दूर करने के लिए 60 शहरों में बाईपास, रिंग रोड अथवा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को आम बजट में जगह मिल सकती है. इसके अलावा नए एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर 12 हजार यात्री सुविधा केंद्रों को बनाने की घोषणा होने की उम्मीद है. तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के मद्देनजर हाइवे किनारे 12 हजार इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव होगा.

नया रोड नेटवर्क खड़ा करने का प्रस्ताव

आम बजट में देश के बॉर्डर पर तेज और सुगमता पूर्वक पहुंच बनाने के लिए 15,520 किलोमीटर का नया रोड नेटवर्क खड़ा करने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है. इसमें चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार आदि देशों से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय और रणनीतिक रूप से यह रोड नेटवर्क बहुत महत्वपूर्ण है.

रोपवे परियोजनाओं की घोषणा

सरकार बजट में पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए 250 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है. इसके तहत 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से देश के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में रोपवे सुविधाएं शुरू होंगी. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा साथ ही आना जाना आसान होगा.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button