रायपुर। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के चार मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की खबर सामने आने के बाद प्रदेश में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतक मजदूरों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री साय ने मृतक मजदूरों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा कोंडागांव जिले के हादसे में घायल हुए दो मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की गई है।
सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी: CM साय
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दिवंगत मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सीएम साय ने दिवंगत मजदूरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से उनके परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की कामना की है।
छत्तीसगढ़ के 4 मजदूरों की हुई मौत
मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे में कोंडागांव के ग्राम धनसुली के दो, मदनार के एक और दहीकोंगा के एक मजदूर की मौत हुई है. वहीं जिले के दो मजदूर घायल हुए हैं. चारों मृत मजदूरों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिवार और गांव के लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया. अपनों को खोने के बाद परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत मजदूरों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की प्रार्थना की है.
कब हुआ चमोली हादसा ?
- उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में 13 अगस्त 2026 को अचानक पानी और मलबा घुस गया था.
- उस समय सुरंग में 22 मजदूर मौजूद थे. हादसे के बाद बचाव दल ने रेस्क्यू शुरू किया.
- इस हादसे में अब तक कुल 10 मजदूरों की मौत हुई है, जिनमें छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार मजदूर शामिल हैं.
- कोंडागांव के दो मजदूर घायल भी हुए हैं. रेस्क्यू अभियान के बाद सभी मजदूरों को लेकर स्थिति साफ हो चुकी है.


















