बिलासपुर। जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वाले खनिज माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनिज विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 3 हाइवा, 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 1 जेसीबी और 1 ट्रेलर समेत कुल 8 वाहनों को जब्त किया गया है। वहीं कोयले की हेराफेरी में लिप्त एक बड़े डिपो को सील कर दिया गया है। खनिज विभाग और सकरी पुलिस की टीम ने जब ग्राम गतौरी स्थित बालाजी कोल ट्रेनिंग एंड कंस्ट्रक्शन के अस्थायी भण्डारण डिपो पर अचानक धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि डिपो संचालक द्वारा कोयले की गुणवत्ता में मिलावट और हेरफेर की जा रही थी। भण्डारण की शर्तों का सरेआम उल्लंघन और भारी अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया गया। मौके से 1 जेसीबी मशीन और 1 ट्रेलर वाहन को जब्त कर कोनी थाने के हवाले कर दिया गया और कोयला डिपो को सील बंद कर दिया गया है। खनिज विभाग का अमला यहीं नहीं रुका। 11 और 12 जून को टीम ने सकरी, कोटा, विजयपुर, दर्दी और तखतपुर क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। दर्री विजयपुर क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करता 1 हाइवा पकड़ा गया। सकरी क्षेत्र में खनिज रेत और गिट्टी का अवैध परिवहन करते 2 हाइवा वाहनों को रंगे हाथों दबोचा गया। वहीं अरपा नदी में दो जिलों की संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक खनिज माफियाओं को घेरने के लिए इस बार बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा मरवाही के खनिज अमले ने मास्टरस्ट्रोक खेला। दोनों जिलों की टीम ने खोगसरा सीमा क्षेत्र में संयुक्त रूप से घेराबंदी की। अरपा नदी के भीतर से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रही 3 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके पर ही जप्त कर लिया गया।
थानों के सुपुर्द किए गए वाहन, कार्रवाई रहेगी जारी
जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जप्त की गई सभी 8 गाड़ियों और मशीनों को सुरक्षा के लिहाज से कोनी, सकरी, तखतपुर और गौरेला थाने की अभिरक्षा में सौंप दिया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री और कलेक्टर के कड़े रुख के बाद, खनिजों के अवैध खेल में शामिल रसूखदारों को बख्शा नहीं जाएगा और यह कार्रवाई आगे भी इसी रफ्तार से जारी रहेगी।


















