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Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर उच्च-स्तरीय बैठक, हलवा-पूरी समेत इन सामानों पर लगा बैन

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा 2023 की तैयारी को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत तमाम उच्च अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आपको बता दें कि 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू होगी और 31 अगस्त तक जारी रहेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस दौरान 8 से 9 लाख तक तीर्थयात्री यहां पहुंच सकते हैं।

यात्रियों के लिए पुख्ता इंतजाम

श्रीनगर के संभाग आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि हम कई और रूट पर CCTV लगा रहे हैं। कैंप की क्षमता में भी बढ़ोतरी की है और इस बार 75,000 से अधिक यात्रियों को अलग-अलग जगहों पर ठहराया जा सकता है। फिलहाल 8-9 लाख यात्रियों के हिसाब से इंतजाम किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये पवित्र गुफा काफी ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए लोगों से अपील है कि आने से पहले वे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, क्योंकि वह आम स्थान नहीं है।

यात्रियों के नया फूड मेन्यू

इस साल श्री अमरनाथ यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री कोल्ड ड्रिंक, डीप फ्राई, फास्ट फूड आइटम और हलवाईयों वाले आइटम जैसे हलवा-पूरी, छोले-भटूरे, डोसा, चाउमीन, पिज्जा-बर्गर, जलेबी, मिठाइयां आदि नहीं खा सकेंगे। दरअसल यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सेहत का खास ख्याल रखते हुए नया मेन्यू जारी किया गया है। इसमें सभी तरह के हैवी फूड और ऑयली फूड पर बैन लगा दिया है। हालांकि, यात्रियों के लिए हर्बल चाय, कॉफी, कम वसा वाले दूध, फलों के रस, वेजिटेबल सूप, चने, पोहे, उत्तपम, इडली, चावल-दाल, रोटी, खीर, चॉकलेट और ड्राई फ्रूट्स जैसी चीजें उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही धार्मिक वजहों से मांसाहारी भोजन, शराब, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, धूम्रपान और अन्य नशीले पदार्थों पर भी बैन है। अमरनाथ श्री श्राइन बोर्ड की ओर से जारी ये विस्तृत भोजन मेनू यात्रा क्षेत्र में आने वाले सभी लंगर संगठनों, भोजन स्टालों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर लागू होगा।

क्यों लिया ऐसा फैसला?

श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड द्वारा यह कदम तीर्थयात्रियों को 14 किलोमीटर लंबे चुनौतीपूर्ण ट्रेक को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आपको बता दें कि पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरानप्राकृतिक कारणों से करीब 42 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। इस साल यात्रियों को ‘अस्वास्थ्यकर’ खाद्य पदार्थों से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि उन्हें भोजन की वजह से कोई स्वास्थ्य समस्या ना हो। इसके अलावा पूरे तीर्थ यात्रा मार्ग, खासतौर पर अमरनाथ गुफा के पास के क्षेत्र में आकस्मिक चिकित्सा के उपाय किए जाएंगे।

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