रायपुर/बिलासपुर। बिल्हा विकासखंड के चर्चित फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। संकुल समन्वयक (सीएसी) साधेलाल पटेल के बाद अब उनकी पत्नी एवं प्रधानपाठिका राजकुमारी पटेल के खिलाफ भी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। दोनों पर कागजों में गंभीर बीमारी दर्शाकर फर्जी चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के जरिए 27 लाख 2 हजार 317 रुपये का गबन करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार यह कथित फर्जीवाड़ा 18 जनवरी 2022 से 11 मार्च 2024 के बीच किया गया। आरोप है कि साधेलाल पटेल ने विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर फर्जी मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल तैयार कर शिक्षा विभाग को गुमराह किया और लाखों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पति गिरफ्तार, पत्नी की तलाश जारी
पुलिस ने गुरुवार को साधेलाल पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देर रात सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं उनकी पत्नी राजकुमारी पटेल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि वह बैजनाथ धाम की बोल बम यात्रा पर गई हुई हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
बीईओ कार्यालय की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई बीईओ कार्यालय के सहायक ग्रेड-2 सौरभ मजूमदार की शिकायत पर की है। इस मामले में दोनों पति-पत्नी पहले से ही निलंबित चल रहे हैं। पुलिस ने मामले की विवेचना की जिम्मेदारी निरीक्षक देवेश सिंह राठौर को सौंपी है। जांच के दौरान फर्जी मेडिकल बिलों के सत्यापन, भुगतान प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


















