रायपुर। नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने के दोषी पिता को आजीवन कैद (मरते दम तक) सजा सुनाई गई है। पीड़ित बालिका और उसके छोटे भाई-बहन की देखरेख, पढ़ाई एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने बाल कल्याण समिति को कहा गया। 7 लाख रुपए देने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देने अनुशंसा की गई है। विशेष न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान ने अपने फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिता-पुत्री जैसे मानवीय रिश्तों को कलंकित किया है। आरोपी का कृत्य किसी भी तरह से उदारता बरतने योग्य नहीं है। विशेष लोक अभियोजक विमला ताण्डी ने बताया कि सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में रहने वाला शराबी पिता अपनी पत्नी की मौत के बाद 12 साल की पुत्री के साथ दुष्कर्म करता था। प्रताड़ना से परेशान होकर बालिका ने मोहल्ले में रहने वालों की इसकी जानकारी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर बालिका और उसके 4 छोटे भाई-बहन को बालिका गृह भेजा। अभियोजन पक्ष की ओर से 25 नवंबर 2022 को कोर्ट में चालान पेश किया। जहां विशेष न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान ने आरोपी पिता को दंडित किया।



















