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बरसात के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा: बिलासपुर सिम्स में 14 दिनों में 78 मरीज पहुंचे

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होते ही सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में केवल जुलाई के पहले 14 दिनों के भीतर सर्पदंश के 78 मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार से पांच सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

बारिश के कारण बिलों से बाहर निकल रहे जहरीले जीवविशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश और जलभराव के कारण जमीन के भीतर रहने वाले सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी इनके इंसानों के संपर्क में आने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

 खेतों में काम करने वाले किसान, घरों के आसपास झाड़ियों में जाने वाले लोग और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार सबसे अधिक जोखिम में हैं। रात के समय अंधेरे में बिना सावधानी के चलना भी खतरे को बढ़ा रहा है।

रोजाना पहुंच रहे कई मरीज

सिम्स के चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच नए सर्पदंश के मरीज भर्ती हो रहे हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत गंभीर रहती है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने से उनकी जान बचाई जा रही है। इन मरीजों के उपचार के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में एंटी वेनम इंजेक्शन का उपयोग किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में एंटी वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी पूरी तरह तैयार हैं।

झाड़-फूंक में समय न गंवाएं: डॉक्टर

सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के बाद जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचेगा, उसके स्वस्थ होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। डॉ. सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में एंटी वेनम का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा तत्काल उपचार किया जाता है। उन्होंने लोगों से अफवाहों और अंधविश्वास से बचने की भी अपील की।

बिच्छू दंश के मामले भी बढ़े

सिर्फ सांप ही नहीं, बल्कि बिच्छू के डंक मारने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई के पहले पंद्रह दिनों में बिच्छू दंश के 12 मामले सिम्स पहुंचे हैं। इसके अलावा अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने के कई मरीज भी उपचार के लिए अस्पताल आ रहे हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बरसात के मौसम में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करते समय जूते पहनने, रात में टॉर्च का उपयोग करने, घरों और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करने तथा जलभराव वाले स्थानों से सावधानीपूर्वक गुजरने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बरसात के पूरे मौसम में सर्पदंश और अन्य जहरीले जीवों के काटने की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में जागरूकता और समय पर इलाज ही सबसे प्रभावी बचाव है।

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