बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Highcourt) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि, विशेष परिस्थितियों में मृत शासकीय कर्मचारी की दूसरी पत्नी भी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद परिवार पेंशन प्राप्त करने की अधिकारी हो सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिवार पेंशन संबंधी मामलों में पेंशन नियमों की कल्याणकारी भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह मामला स्व. मनोकांत पाण्डेय की दूसरी पत्नी अन्नपूर्णा पाण्डेय से संबंधित था। कृषि अनुसंधान केंद्र जगदलपुर में कार्यरत कर्मचारी मनोकांत की मृत्यु वर्ष 2007 में हो गई थी। मृत्यु के बाद हुए समझौते के अनुसार पहली पत्नी पुष्पलता उपाध्याय को परिवार पेंशन तथा दूसरी पत्नी को भविष्य निधि की राशि और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया गया था। वर्ष 2020 में पहली पत्नी के निधन के बाद अन्नपूर्णा पाण्डेय ने परिवार पेंशन के लिए आवेदन किया, जिसे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने 4 सितंबर 2021 को यह
कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि, दूसरी पत्नी का विवाह पहली पत्नी के जीवित रहते हुए हुआ था, इसलिए वह परिवार पेंशन की पात्र नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता दीपाली पांडे के माध्यम से हाईकोर्ट (Highcourt) में चुनौती देते हुए कहा कि, पहली पत्नी की मृत्यु के बाद वह मृत कर्मचारी की एकमात्र जीवित आश्रित पत्नी हैं। साथ ही उन्हें अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई थी, जिससे उनके पारिवारिक संबंध को स्वयं नियोक्ता ने स्वीकार किया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु की एकलपीठ ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47(7) में एक से अधिक विधवाओं की स्थिति का उल्लेख है और यह एक कल्याणकारी प्रावधान है, जिसकी व्याख्या उदारतापूर्वक की जानी चाहिए।
कोर्ट ने माना कि पहली पत्नी की मृत्यु के बाद परिवार पेंशन का कोई अन्य दावेदार शेष नहीं था। ऐसे में दूसरी पत्नी को परिवार पेंशन से वंचित करना योजना के उद्देश्य के विपरीत होगा। उच्च न्यायालय ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गत 4 सितंबर 2021 को पारित अस्वीकृति आदेश को निरस्त करते हुए प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि, वे श्रीमती अन्नपूर्णा पाण्डेय के पक्ष में परिवार पेंशन स्वीकृत करें तथा सभी परिणामी लाभ 12 सप्ताह के भीतर प्रदान करें। इस निर्णय को परिवार पेंशन से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है, क्योंकि कोर्ट ने पेंशन नियमों की सामाजिक सुरक्षा संबंधी भावना को प्रमुखता देते हुए दूसरी पत्नी के पक्ष में राहत प्रदान की है।
- छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों का तबादला, रायपुर से बस्तर तक बदले DFO और वन अधिकारियों के प्रभार
- शनि गोचर 2027: मेष राशि में प्रवेश करते ही बदलेगा इन राशियों का भाग्य, जानें किस पर रहेगी साढ़ेसाती
- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों का DA 55% से बढ़कर 58%
- सांवले रंग और नौकरी पर तानों से परेशान पति, न्याय की मांग लेकर पहुंचा अदालत
- छत्तीसगढ़ में राशन वितरण का नया मॉडल, अब ग्रीन ATM से मिलेगा मुफ्त अनाज


















