जगदलपुर: शहर से 50 किमी दूर तीरथगढ़ जलप्रपात का सौंदर्य इन दिनों शबाब पर है. मानसूनी बारिश की वजह से इस जलप्रपात में भीषण गर्जना के साथ जलप्रवाह हो रहा है. इसे देखने के लिए दूरदराज से आए हुए सैलानियों को अब मायूस होकर लौटना पड़ रहा है.
शनिवार को रायपुर से आए हुए एक दर्जन पर्यटकों को जलप्रपात जाने वाले मार्ग पर नाका से ही लौटा दिया गया. इन्होंने कई बार नाका में कहा कि हमें कोई सुरक्षित मार्ग बताइए पर उन लोगों ने नाका ही नहीं खोला. कुछ देर तक वे वहीं इंतजार करने के बाद वापस रायपुर लौट गए. इसी तरह शुक्रवार को भी पश्चिम बंगाल, बिहार, यूपी, जांजगीर से आए हुए सैलानियों को सुरक्षा का हवाला देकर लौटा दिया गया.
फारेस्ट अधिकारी से कहलवा दो तो जाने देंगे
इन पर्यटकों में से कुछ ने बताया कि हमें तो जलप्रपात के ऊपर तक जाने के बाद लौटा दिया गया. पर कुछ लोगों को रेस्ट हाउस की ओर से जाने दिया जा रहा था. इनसे पूछताछ करने पर कहा कि किसी फारेस्ट वाले अधिकारी से कहलवा देते तो वाटरफाल दिखा दिया जाता. इन पर्यटकों का कहना था कि हजार किमी का सफर कर इसे देखने आए थे. नहीं देखने का मलाल रहा.



















