लखनऊ। यूपी की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 72 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनकी आयु में अपने माता-पिता से 15 साल या उससे भी कम का अंतर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है।
दरअसल, शादी के लिए लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। कुछ अपवाद को छोड़ भी दें तो माता-पिता और पुत्र-पुत्री की आयु में 20-25 वर्ष से कम का अंतर नहीं हो सकता। इस कारण ऐसे मामले तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में रखे गए हैं। इस श्रेणी में यूपी में कुल 2.22 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से माता-पिता और बेटा-बेटी की उम्र में 15 साल से कम के अंतर के करीब 72 लाख मामले हैं। यही नहीं, बाबा-दादी की उम्र व पौत्र-पौत्री की उम्र में 50 साल से कम अंतर वाले भी कई मतदाता हैं।
वर्तमान में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची और 2003 की मतदाता सूची से यह भिन्नता पकड़ी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय नेे 83 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित किए हैं, जिनके खुद के नाम व पिता के नाम इस मतदाता सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची से भिन्न हैं। अब इन्हें दूसरे चरण में फरवरी में दस्तावेज दिखाने के लिए बुलाया जाएगा।
ये नाम तार्किक विसंगति की श्रेणी में शामिल किए
ऐसे मतदाता जिनके पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा है। ऐसे वोटर जिनके छह या अधिक बेटे हैं
जिनकी और माता-पिता की आयु में 15 साल या उससे कम का अंतर है। वहीं, बाबा-दादी की उम्र में पौत्र-पौत्री से 50 साल से कम अंतर है
जिन वोटर की आयु 45 साल या उससे अधिक है और वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है।
छिटपुट गलती वालों को मिल सकती है राहत
ऐसे मतदाता जिनके पिता के नाम में भिन्नता है या फिर खुद उनके नाम की स्पेलिंग में कोई छिटपुट त्रुटि है तो उन्हें राहत मिल सकती है। ऐसे मतदाताओं को नोटिस न देकर उनके घर बीएलओ जाकर प्रमाण पत्र देखकर उसे ऐप पर ही ठीक कर देंगे।
दो करोड़ से अधिक वोटर
2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले कुल मतदाता
72 लाख माता-पिता की आयु से सिर्फ 15 साल छोटे मतदाता
83 लाख पुरानी सूची से पिता व खुद का नाम भिन्न होने वाले वोटर
67 लाख 45 वर्ष की आयु के बावजूद पुरानी सूची में नाम नहीं एवं अन्य



















