
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने महादेव ऐप घोटाले में उन्हें आरोपी बनाया है. 6000 करोड़ के ऑनलाइन सट्टा घोटाले से जुड़े केस में सीबीआई ने बघेल का नाम एफआईआर में शामिल किया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब एक सप्ताह पहले एजेंसी ने चार राज्यों में 60 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें बघेल का आवास, कुछ नौकरशाह और पुलिस अधिकारियों के घर शामिल थे.
FIR में कहा गया है कि महादेव बुक ऐप के मालिकों ने पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों को प्रोटेक्शन मनी के तौर पर बड़ी रकम दी, ताकि उनकी अवैध गतिविधियों के खिलाफ ऐक्शन ना लिया जाए. यह पैसा हवाला के जरिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाया जाता था और फिर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों तक पहुंचता था. इस तरह कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया.
एजेंसी ने 18 दिसंबर 2024 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी और हिन्दुस्तान टाइम्स ने 21 जनवरी को सबसे पहले यह बताया था कि सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद बघेल को भी आरोपी बनाया है. भूपेश बघेल ने इस पर कहा, ‘मुझे सीबीआई के एफआईआर की जानकारी नहीं है. मैं एफआईआर की डिटेल मिलने के बाद ही जवाब दूंगा.’