Yogini ekadashi vrat : आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। योगिनी एकादशी का व्रत इस साल 21 जून को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भगवान नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस साल एकादशी के इस व्रत में जयद योग बन रहा है। इस बार एकादशी तिथि 21 जून को शुरू होगी । इस साल पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 21 जून को सुबह 6:45 से 8:26 बजे तक रहेगा। इस दान पुण्य का भी बहुत महत्व है। योगिनी एकादशी के दिन और पारण के दिन यानी द्वादशी में भी आप दान कर सकते हैं।
योगिनी एकादशी के दिन किस चीज का दान करना चाहिए
योगिनी एकादशी के दिन गेहूं, चावल आदि का दान करना चाहिए। इसके अलावा आप पारण के समय किसी मंदिर में या ब्राह्मण को भोजन करा सकते हैं। इस दिन कपड़ों का दान करना भी शुभ रहता है। योगिनी एकादशी पर जल का दान भी अच्छा माना जाता है। मौसमी फल जैसे आम, सेब या केला का दान करने से सेहत में सुधार और जीवन में मिठास आती है। योगिनी एकादशी पर जौ का दान भी शुभ माना गया है।
योगिनी एकादशी 2025: पारण डेट एंड टाइम और किस चीज से पारण करें
21 जून को एकादशी तिथि शुरू होगी और अगले दिन 22 जून को सुबह 04:27 बजे समाप्त होगी। 22 जून को एकादशी पारण का समय दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। लोग द्वादशी पर पारण जौ के चूर्ण से कर सकते हैं।
योगिनी एकादशी व्रत में क्या कर सकते हैं और क्या नहीं
योगिनी एकादशी के व्रत में एकादशी पर कठिन व्रत करने का विधान है। इस दिन जल और अन्न नहीं लेना चाहिए। अगर कठिन व्रत न कर पाएं तो फल ले सकते हैं और जल भी पी सकते हैं। इस दिन नमक नहीं खाना चाहिए। इस दिन चावल न खाएं। किसी भी तरह से झूठ न बोलें और हिंसा न करें। नशा न करें, किसी को अपने मन, वचन और कर्म से दुखी न करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें।



















