रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। तेलीबांधा के विशाल नगर निवासी 39 वर्षीय नियति अरोरा, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने ICICI बैंक से लिए गए 3.37 लाख रुपये के क्रेडिट कार्ड कर्ज को 4.07 लाख रुपये चुकाकर पूरी तरह चुका दिया। इसके बावजूद, ठगों ने उन्हें और उनके परिवार को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर परेशान किया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नियति ने बताया कि कर्ज चुकाने के बाद भी उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल आए। कॉल करने वाले खुद को बैंक अधिकारी बताकर दावा करते थे कि अभी भी कर्ज बकाया है और भुगतान न करने पर उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे और उनके परिजनों से पैसे वसूलने की कोशिश की। इस उत्पीड़न से नियति का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
नियति ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने साइबर अपराध और ठगी के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है, जो कॉलिंग ऐप्स और इंटरनेट के जरिए देशभर में लोगों को ठगता है। आरोपियों की तलाश के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। अगर ऐसा कोई कॉल आए तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही, कॉल करने वालों के साथ कोई भी निजी जानकारी साझा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
नियति अरोरा ने कहा कि वह ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड सेक्शन और झूठे बकाया का हवाला देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसी धमकियों से डरने के बजाय तुरंत कानूनी कार्रवाई करें।


















