खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए आज (4 दिसंबर, 2025) की रात बेहद खास होने वाली है। आसमान में आज साल 2025 का अंतिम और सबसे भव्य ‘सुपरमून’ दिखाई देगा। यह वह अद्भुत मौका है जब हमारा चांद अपनी सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ा और शानदार नजर आएगा। अगर आप इस साल चांद का सबसे खूबसूरत रूप देखना चाहते हैं, तो आज रात सूर्यास्त के बाद आसमान पर नजर रखना न भूलें। इस खगोलीय घटना को आंखों से देखना एक अविस्मरणीय अनुभव हो सकता है।
क्या होता है सुपरमून?
सुपरमून तब होता है जब चांद दो महत्वपूर्ण स्थितियों में एक साथ होता है। जब चांद पूरी तरह से गोल और प्रकाशित होता है और वह बिंदु है जब चंद्रमा अपनी अंडाकार कक्षा में घूमते हुए पृथ्वी के सबसे करीब पहुंच जाता है। जब पूर्णिमा और उपभू की स्थिति एक साथ आती है, तो चंद्रमा हमें सामान्य से काफी विशाल और चमकदार दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, आज रात का सुपरमून सामान्य पूर्णिमा के चांद से लगभग 14 प्रतिशत तक बड़ा और 30 प्रतिशत तक ज्यादा चमकीला दिखाई दे सकता है।
आज रात कब और कहां देखें सुपरमून?
इस सुपरमून को देखने का सबसे अच्छा समय तब है जब चांद क्षितिज के ठीक ऊपर आ रहा हो। आज शाम सूर्यास्त के बाद पूर्वी दिशा में आपको आसमान में इस भव्य नजारे को देखना चाहिए। जब चंद्रमा क्षितिज के करीब होता है, तो एक अद्भुत ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ पैदा होता है, जिससे यह और भी ज्यादा विशाल महसूस होता है। चांद 5 दिसंबर सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर पृथ्वी के सबसे करीब होगा।
कहां दिखेगा ये खास नजारा
भारत में यह नजारा लगभग हर जगह दिखाई देगा, बस शर्त यह है कि मौसम साफ होना चाहिए। हालांकि, कुछ प्रमुख शहर और उनके आसपास के इलाकों में यह बेहद शानदार दिखेगा। महानगरों में रहने वाले लोग भी सुपरमून का मजा ले सकते हैं, बशर्ते वे किसी ऐसी जगह पर हों जहां शहर की रोशनी (लाइट पॉल्यूशन) कम हो। किसी पार्क या अपार्टमेंट की छत से देखना बेहतर रहेगा। अगर आप इसे सर्वश्रेष्ठ रूप में देखना चाहते हैं, तो रात के पहले कुछ घंटों में चांद के उदय के समय आसमान को जरूर देखें।
किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं
सुपरमून को देखने के लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर आपके पास दूरबीन या छोटा टेलीस्कोप है, तो आप चांद की सतह को और भी करीब से देख पाएंगे।आज रात इस साल के आखिरी सुपरमून के साथ आसमान में होने वाले इस भव्य ‘शो’ को देखने का मौका न चूकें।


















