रायपुर। पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए पंजीयन नहीं कराने वाले बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों को बिल में मिलने वाली रियायत इस माह से बंद किए जाने से कर्मचारी भड़क गए हैं। कंपनी प्रबंधन के फैसले को अवैधानिक बताते हुए छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ ने रियायत पुनः शुरू नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आन्दोलन की चेतावनी दी है। कंपनी प्रबंधन ने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत घर पर रूफटॉप लगाना अनिवार्य कर दिया है। पोर्टल पर पंजीयन कराने के लिए प्रबंधन ने अधिकारियों-कर्मचारियों को मोहलत भी दी थी। मोहलत खत्म हो गई है और आधे अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी पंजीयन नहीं कराए हैं। जिसके बाद पूर्व घोषणा के अनुसार पंजीयन नहीं कराने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बिल में मिलने वाली रियायत इस माह से बंद कर दी है। इस माह पंजीयन नहीं कराने वाले कर्मचारियों को पूरा बिजली बिल भेजा गया है। इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों में काफी गुस्सा है।
छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ ने पावर कंपनी के चेयरमैन को पत्र लिखकर कंपनी के फैसले को अवैधानिक बताया है। महासंघ के महामंत्री नवरतन बरेठ ने कहा कि कर्मचारी संगठन से बिना कोई चर्चा किए प्रबंधन द्वारा एकतरफा रियायत बंद करने का निर्णय न्यायोचित नहीं है। महासंघ ने कंपनी प्रबंधन को पत्र लिखकर आदेश के क्रियान्वयन के फलस्वरूप होने वाले आर्थिक नुकसान एवं व्यावहारिक दिक्कत से अवगत कराया था। साथ ही सोलर प्लांट लगाने का खर्च कंपनी प्रबंधन द्वारा वहन करने का आग्रह किया गया था। महासंघ ने अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से मिल रहे लाभ को बंद नहीं करने का आग्रह किया था। इसके बाद भी आग्रह को दरकिनार करते हुए कंपनी प्रबंधन ने एकतरफा निर्णय लेते हुए रियायत बंद कर दी। महासंघ ने चेतावनी दी है कि रियायत बंद करने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आन्दोलन किया जाएगा।



















