रायपुर। रेलवे टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने सख्त कदम उठाए हैं, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आईआरसीटीसी वेबसाइट पर रोजाना बनने वाली नई यूजर आईडी की संख्या अब घटकर करीब 5 हजार रह गई है, जबकि पहले यह आंकड़ा लगभग एक लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाता था। नए कड़े सत्यापन तंत्र लागू होने के बाद यह कमी दर्ज की गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ओटीपी प्रणाली लागू की गई है। यह प्रणाली फिलहाल 322 ट्रेनों में शुरू हो चुकी है, जिससे तत्काल टिकट की पुष्टि का समय लगभग 65 प्रतिशत तक बढ़ गया है और आम यात्रियों को अधिक अवसर मिल रहा है।
फर्जी आईडी पर हुई कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नकली पहचान के जरिए टिकट बुकिंग पर की गई कार्रवाई से अब तक 3.03 करोड़ फर्जी यूजर आईडी को निष्क्रिय किया जा चुका है। इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को या तो अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है या उनकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच के दायरे में रखा गया है।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टिकटिंग प्रणाली को और बेहतर बनाया जाए, ताकि वास्तविक और प्रामाणिक यूजर आईडी के माध्यम से यात्री आसानी से टिकट बुक कर सकें। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।



















