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सौर ऊर्जा से रौशन होंगी 88 कॉलोनियां

रायपुर। प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने अब निजी आवासीय कॉलोनियों को सौर ऊर्जा से रौशन करने का काम शुरू हो गया है। आवासीय कॉलोनियों में रेन्युएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (रेस्को) मॉडल पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश की 88 आवासीय कॉलोनियों ने सोलर ऑन ग्रिड पावर प्लांट लगाने की सहमति दे चुकी हैं। इसकी शुरुआत राजधानी के कचना स्थित सिटी ऑफ ड्रीम्स सोसायटी से हुई है। इस सोसायटी में 150 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं।

देश में वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट क्षमता के अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भागीदारी निभाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने आवासीय कॉलोनियों को नेट जीरो करने की पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी एवं सीईओ राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में कुछ माह पहले आवासीय कॉलोनियों के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। जिसके बाद प्रदेश की 88 आवासीय कॉलोनियों ने सोलर ऑन ग्रिड पावर प्लांट लगाने की सहमति प्रदान की थी। अब कॉलोनियों में रेस्को मॉडल पर सोलर प्लांट लगाने की शुरुआत भी हो गई। कचना स्थित सिटी ऑफ ड्रीम्स आवासीय कॉलोनी में प्रदेश के पहले रेस्को मॉडल पर आधारित 150 किलोवॉट क्षमता के ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट की स्थापना का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसी तरह ऐश्वर्यम विले कॉलोनी में भी 28 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। सीईओ श्री राणा ने बताया कि रेस्को मॉडल अंतर्गत 150 किवॉ क्षमता के सौर संयंत्र स्थापना से ग्रिड से प्राप्त पारम्परिक बिजली की तुलना में प्रतिमाह लगभग 75,500 रुपए की बचत होगी। साथ ही सिटी ऑफ ड्रीम्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रतिवर्ष लगभग 159 टन कार्बन उर्त्सजन में कमी में सहयोग दिया जायेगा।

रेस्को कंपनी वहन करेगी प्लांट स्थापना का खर्च

रेस्को मॉडल में प्राथमिक तौर पर विद्युत भार का आकलन करते हुए आवासीय सोसायटी द्वारा दिये गये स्थान पर सोलर प्लांट की स्थापना की जाती है। इसमें सोलर प्लांट स्थापना हेतु संपूर्ण खर्च रेस्को कंपनी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में सिटी ऑफ ड्रीम्स सोसायटी में रेस्को मॉडल पर ही प्लांट लग रहे हैं। स्थापित संयंत्र से उत्पादित विद्युत को निर्धारित दर पर सोसायटी को आगामी 25 वर्षों तक विक्रय किया जायेगा। इस योजना के तहत सिटी ऑफ ड्रीम्स द्वारा संचालित सामुदायिक पेयजल पम्पिंग सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, लिफ्ट, जिम इत्यादि सार्वजनिक उपयोग हेतु विद्युत उपकरणों में होने वाले बिजली बिल में कमी आयेगी। साथ ही अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा से सोसायटी की कुल विद्युत खपत में कमी आयेगी।

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