नई दिल्ली: अगर आप अपनी ब्लड रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ देखकर खुद ही मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर खा रहे हैं, तो रुक जाइए। यह ‘सेल्फ मेडिकेशन’ आपके दिल को बचाने के बजाय आपके शरीर के पूरे हार्मोन सिस्टम को तबाह कर सकता है। जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज की एक ताजा स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बिना डॉक्टरी सलाह के कोलेस्ट्रॉल की दवाएं लेने से पुरुषों में स्पर्म काउंट घटने और महिलाओं में बांझपन जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं।
GSVM की स्टडी: 1000 मरीजों पर हुआ शोध
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉ. फहीम अंसारी ने पिछले दो वर्षों में करीब 1000 ऐसे मरीजों की केस हिस्ट्री का अध्ययन किया, जिनका ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ (HDL) खतरनाक स्तर तक गिर चुका था। स्टडी में पाया गया कि कई लोगों का टोटल कोलेस्ट्रॉल 300 से कम था, फिर भी उन्होंने बिना जरूरत दवाएं शुरू कर दीं। इसका नतीजा यह हुआ कि शरीर के लिए जरूरी ‘अच्छे कोलेस्ट्रॉल’ में भी भारी गिरावट आ गई।
हार्मोन का संतुलन बिगड़ा: पुरुषों और महिलाओं के लिए चेतावनी
डॉक्टरों के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल केवल नुकसानदेह नहीं होता, बल्कि यह शरीर में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे जरूरी सेक्स हार्मोन बनाने के लिए कच्चा माल (Raw Material) होता है।
• पुरुषों पर असर: टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल गिरने से स्पर्म काउंट में कमी और नपुंसकता का खतरा बढ़ रहा है।
• महिलाओं पर असर: एस्ट्रोजन के असंतुलन से जल्दी मेनोपॉज और बांझपन (Infertility) की समस्या देखी जा रही है।
• हड्डियों में दर्द: दवाओं के साइड इफेक्ट से मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और जोड़ों में असहनीय दर्द की शिकायतें भी बढ़ी हैं।
कोलेस्ट्रॉल क्यों है शरीर के लिए जरूरी?
हम अक्सर कोलेस्ट्रॉल को केवल ‘दुश्मन’ मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह शरीर के लिए इन कामों में अनिवार्य है:
1. कोशिकाओं की स्वस्थ झिल्ली (Membrane) बनाने के लिए।
2. शरीर में विटामिन-डी (Vitamin D) के निर्माण के लिए।
3. पाचन के लिए जरूरी पित्त (Bile) बनाने के लिए।
4. तनाव और सेक्स हार्मोन को नियंत्रित करने के लिए।
खतरे की घंटी: 40 से 60 का एज ग्रुप सबसे ज्यादा प्रभावित
आंकड़ों के मुताबिक, 40 से 60 साल की उम्र के लोग रिपोर्ट देखते ही घबराकर दवा शुरू कर देते हैं। बिना यह समझे कि क्या वास्तव में दवा की जरूरत है, वे 12 महीने लगातार गोलियां ले रहे हैं। बहुत कम कोलेस्ट्रॉल होने पर डिप्रेशन, एंग्जायटी (घबराहट), हेमरेजिक ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट फेल जैसी जानलेवा स्थितियां भी बन सकती हैं।
एक्सपर्ट की सलाह: दवा नहीं, लाइफस्टाइल बदलें
डॉक्टरों का कहना है कि लक्ष्य टोटल कोलेस्ट्रॉल घटाना नहीं, बल्कि खराब (LDL) को कम करना और अच्छे (HDL) को बढ़ाना होना चाहिए।
• क्या न करें: एनर्जी ड्रिंक, जंक फूड, अधिक मिठाई और शराब से बचें।
• क्या करें: एचडीएल बढ़ाने के लिए जैतून का तेल, बादाम, अखरोट, अलसी, चिया बीज, ओट्स और सीमित मात्रा में गाय का घी लें। नियमित एक्सरसाइज और वजन पर नियंत्रण सबसे बेहतरीन दवा है।



















