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पब्लिसिटी के हंगामे पर Taapsee Pannu की बेबाक राय

Taapsee Pannu ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह इंडस्ट्री में चल रहे ट्रेंड्स पर चुप रहने वालों में से नहीं हैं. नए दौर की बॉलीवुड पब्लिसिटी कल्चर पर खुलकर बात करते हुए तापसी ने आक्रामक PR कल्चर की आलोचना की है. उनके मुताबिक आज प्रमोशन का मतलब सिर्फ अपने काम को आगे बढ़ाना नहीं रह गया, बल्कि कई बार दूसरों को नीचे दिखाने की कोशिश भी इसमें शामिल हो गई है और यही सोच उन्हें परेशान करती है.

PR का बदला हुआ खेल

एक हालिया इंटरव्यू में Taapsee Pannu ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में PR अब बिल्कुल अलग लेवल पर पहुंच चुका है. पहले पब्लिसिटी का मतलब अपने काम, अपनी फिल्म और अपनी पहचान को सामने रखना होता था, लेकिन अब यह गेम ज्यादा आक्रामक और नेगेटिव हो गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज लोग सिर्फ खुद को पुश करने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को ‘पुश डाउन’ करने के लिए भी पैसे खर्च कर रहे हैं. तापसी के मुताबिक यह ट्रेंड न सिर्फ गलत है, बल्कि इंडस्ट्री के माहौल को भी जहरीला बनाता है.

जानबूझकर स्लो किया करियर

तापसी ने यह भी बताया कि पिछले डेढ़-दो साल में उनका थोड़ा स्लो दिखना एक सोचा-समझा फैसला रहा है. उन्होंने कहा कि इस ब्रेक ने उन्हें इंडस्ट्री को बाहर से देखने और समझने का मौका दिया. इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि PR का खेल कितना बदल चुका है और कैसे अब हर चीज को शोर और तुलना के जरिए बेचा जा रहा है. उनका मानना है कि किसी की सफलता का पैमाना किसी और की नाकामी नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा ही हो रहा है.

नकली आवाज और असली काम का फर्क

एक अहम मुद्दा उठाते हुए तापसी ने कहा कि आज कई सेलेब्रिटीज अपनी फिल्मों से अलग एक ‘आवाज’ गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनके काम से मेल नहीं खाती. उनके मुताबिक, अगर आप स्क्रीन पर कुछ और कह रहे हैं और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर कुछ और, तो यह एक साफ डिस्कनेक्ट है. तापसी के लिए ऑथेंटिसिटी सबसे जरूरी है जो आप हैं और जो आपका काम है, दोनों में फर्क नहीं होना चाहिए.

PR से दूरी, खुद पर इन्वेस्टमेंट है जरूरी

बात के लास्ट में Taapsee Pannu ने साफ कर दिया कि वह ‘प्लांटेड आर्टिकल्स’ या जबरन बनाई गई सुर्खियों में भरोसा नहीं रखतीं. वह अपना समय पैसा खुद पर और अपने करीबी सर्कल पर खर्च करना ज्यादा सही और मानती हैं. उनके लिए ज्यादा अहम हैं, न में बने रहना. तापसी भीड़ बजाय साथ आगे हैं. शांति, ईमानदारी और आत्मसम्मान कि हर वक्त लाइमलाइट यह स्टैंड बताता है कि का हिस्सा बनने के अपने उसूलों के बढ़ना पसंद करती हैं।

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