नई दिल्ली। अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के गौरव सबनीस नामक एक एसोसिएट प्रोफेसर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर अपने एक पूर्व छात्रा के साथ दिल्ली मेट्रो में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
उन्होंने घटनाक्रम की पूरी कहानी बयां की है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन पर एक नाबालिग लड़के ने भारत यात्रा पर आई अमेरिका की लड़की के निजी अंगों को गलत तरीके से छुआ। किशोर के साथ मौजूद उसकी मां और बहन ने भी उसकी गलतियों का बचाव किया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग मेट्रो में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट की सच्चाई पर आशंका जाहिर करते हुए कहा है कि इस मामले में कोई शिकायत या मामला क्यों नहीं दर्ज कराया गया।

गौरव सबनीस के सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह अमेरिका स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि जब इस पूर्व छात्रा ने उनसे नवंबर में अपने एक दोस्त की शादी के लिए भारत यात्रा के बारे में फोन कर सलाह मांगी तो उन्होंने उससे कहा था यौन उत्पीड़न से सावधान रहना। खासतौर पर दिल्ली में, वहां तुम निशाना बनोगी। दुख की बात है कि यह सच हो गया। उन्होंने लिखा कि उस लड़की ने उनसे अपनी आपबीती बताई है। उस लड़की ने उनसे बताया कि मेरे सहकर्मी और मेजबान बहुत अच्छे थे और उसने भारत में यादगार आठ दिन बिताए, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण और अप्रिय घटना घटी। इससे वह कुछ दिनों तक उदास और अवसाद में रही। इससे उबरने में उसे काफी समय लगा। युवती ने जो घटना बताई उसे गौरव सबनीस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि, ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सोशल मीडिया पोस्ट में विस्तार से बयां की पीड़ा
प्रोफेसर के मुताबिक, युवती ने बताया कि दिल्ली में लैंडिंग के बाद से ही अजनबी लोग मुझसे सेल्फी लेने के लिए कहने लगे, लेकिन उसने गौरव सबनीस के बताए नियम का पालन किया। पुरुषों को साफ मना कर दिया। महिलाओं और बच्चों के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए सेल्फी के लिए हां कर दी और कुल मिलाकर यह ठीक रहा। दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर 14-15 वर्ष के एक किशोर लड़के के करतूत ने सब बिगाड़ दिया। लड़के की हरकत पर उसने कॉलर पकड़कर उसे धक्का दिया। इससे वह गिर गया। इससे उसकी मां नाराज हो गई और कहा कि उसने कभी किसी गोरी महिला को इतने करीब से नहीं देखा था। इसलिए उसे जानने की उत्सुकता थी।



















