Assam Koli Duti Paat Scheme: सिलचर. असम के गौरवशाली चाय उद्योग के 200 वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए एक बड़ी पहल की है. रविवार को पूरे राज्य में एटी कली, दूटी पात (एक कली, दो पत्तियां) योजना का औपचारिक शुभारंभ किया गया. इस योजना के तहत प्रत्येक चाय श्रमिक को 5,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जा रही है. अलग-अलग जिलों में हुए कार्यक्रमों में मंत्रियों और विधायकों ने लाभार्थियों को चेक सौंपे.
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सिलचर: लखीपुर के 9 हजार श्रमिकों को मिला लाभ
लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में मंत्री कौशिक राय ने योजना की शुरुआत की. उन्होंने 1,676 श्रमिकों को सीधे चेक वितरित किए. मंत्री राय ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चाय बागान श्रमिकों का विकास सरकार की प्राथमिकता है. लखीपुर क्षेत्र के 9,000 से अधिक श्रमिकों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है.
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तामुलपुर: नाग्रीजुली और मेनका बागान में उत्साह
तामुलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने नाग्रीजुली चाय बागान में योजना का शुभारंभ किया. यहां 1,053 श्रमिकों को चेक दिए गए. वहीं मेनका चाय बागान में विधायक जलेन दैमरी और बीटीसी उपाध्यक्ष बिजीत गौरा नार्जारी ने 782 श्रमिकों को सहायता राशि दी. मंत्री बरुवा ने कहा कि 5,000 रुपये की यह राशि श्रमिकों की मेहनत के प्रति सरकार का सम्मान है.
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मोरिगांव: विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा चाय समुदाय
मोरिगांव के गोपाल कृष्ण टी एस्टेट में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारीका ने 1,470 श्रमिकों को चेक वितरित किए. उन्होंने कहा कि सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों में नए स्कूल और अस्पताल खोले हैं. चाय समुदाय के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. बागान क्षेत्रों की सड़कों में सुधार के लिए भी काम किया जा रहा है. मंत्री हजारीका ने श्रमिकों से इस राशि का सही उपयोग करने और अरुणोदय व मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना जैसी अन्य योजनाओं का लाभ लेने की अपील की.



















