Tumsar Railway Station Third Line Project: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत तुमसर स्टेशन पर रेलवे व्यवस्था को और बेहतर बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है. यहां ट्रेनों की आवाजाही को आसान, सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए कई अहम काम किए जा रहे हैं. राजनांदगांव–कलमना तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत तुमसर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग किया जा रहा है, जिससे रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी.
राजनांदगांव–कलमना तीसरी रेल लाइन परियोजना
228 किलोमीटर लंबी इस तीसरी रेल लाइन परियोजना को साल 2015-16 में मंजूरी मिली थी. करीब 3544 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 217 किलोमीटर तीसरी लाइन का काम पूरा हो चुका है. परियोजना पूरी होने के बाद इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन आसान होगा, समय की बचत होगी और मालगाड़ियों की आवाजाही भी बढ़ेगी.

तुमसर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग
तुमसर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का काम चरणों में किया जा रहा है.
24 जनवरी 2026 से 26 जनवरी 2026 तक तीन दिन प्री-टू-प्री नॉन इंटरलॉकिंग का काम हुआ.
27 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक चार दिन प्री-नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा.
31 जनवरी 2026 को करीब 19 घंटे 30 मिनट का नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होगा.
काम पूरा होने के बाद तुमसर यार्ड में कुल 10 रेल लाइनें और 192 रूट होंगे. यह स्टेशन दुर्ग, नागपुर और तिरोड़ी तीनों दिशाओं के लिए अहम जंक्शन बनेगा. यहां आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे ट्रेनों का संचालन और ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होगा.
किए जा रहे प्रमुख कार्य
इस परियोजना में कई जरूरी काम शामिल हैं. इसमें 5 पॉइंट और क्रॉसिंग को शिफ्ट करना और 4 नए पॉइंट लगाना, करीब 600 मीटर ट्रैक का स्लीपिंग कार्य, बे लाइन और स्टेबलिंग लाइन को 80 मीटर तक बढ़ाना शामिल है.
आरई साइडिंग और स्टोर साइडिंग को 200 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है. शंटिंग नेक को 405 मीटर तक बढ़ाया जाएगा.
ओएचई से जुड़े पुराने अवरोध हटाकर नए पोर्टल और मास्ट लगाए जा रहे हैं. करीब 2.5 किलोमीटर ओएचई सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है. सिग्नल और दूरसंचार सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि तीसरी लाइन को सीधे इस्तेमाल में लाया जा सके.
इस काम में 325 मजदूर, 20 सुपरवाइजर, 15 इंजीनियर और 12 वरिष्ठ अधिकारी लगे हुए हैं. काम को समय पर पूरा करने के लिए टी-28 मशीन, यूनिमैट, जेसीबी, हाइड्रा, हाइवा और ट्रैक्टर जैसी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है.
योजना से होने वाले फायदे
अभी तीसरी लाइन थ्रू न होने की वजह से नागपुर–दुर्ग सेक्शन में ट्रेनों को परेशानी होती है. रिमॉडलिंग के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी.
नागपुर–दुर्ग मार्ग पर ट्रेनों की गति और समय पालन बेहतर होगा.
तुमसर–तिरोड़ी मेमू ट्रेनों के लिए स्टेबलिंग लाइन और बे लाइन की लंबाई बढ़ेगी.
आरई और स्टोर साइडिंग के विस्तार से इन्हें पूरे रैक वाले माल गोदाम के रूप में विकसित किया जाएगा.
शंटिंग नेक बढ़ने से मालगाड़ियों की शंटिंग एक साथ आसानी से हो सकेगी.
यह परियोजना तुमसर स्टेशन को एक आधुनिक और मजबूत रेलवे केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम है. इसके पूरा होने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलेगा.



















