Chhattisgarh Robbery Encounter: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पामगढ़ और शिवरीनारायण थाना इलाके में लगातार लूट और मारपीट की घटनाओं से लोगों में दहशत फैल गई थी. पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने सिर्फ दो दिनों के भीतर पांच अलग-अलग जगहों पर वारदात को अंजाम दिया था.
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह सुनसान और अंधेरे रास्तों पर मोटरसाइकिल से घूमता था. जैसे ही कोई राहगीर अकेला मिलता, उस पर अचानक हमला कर दिया जाता. आरोपी सिर पर रॉड, लोहे के पाइप और डंडों से बेरहमी से मारते थे. इसके बाद मोबाइल फोन और नकदी लूटकर फरार हो जाते थे.
शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम कचंदा में एक के बाद एक तीन घटनाएं हुईं. इन हमलों में मुकेश रायसागर, अमन बंजारे समेत कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं पामगढ़ थाना क्षेत्र में जोगिया नाला पुल, ग्राम मेउ और चेऊडीह इलाके में भी इसी तरह की वारदातें की गईं. इन घटनाओं में लक्ष्मण यादव को भी गंभीर चोटें आई हैं.
इन सभी घटनाओं में कुल 13 लोग घायल हुए हैं. इनमें से दो की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी.

मास्टरमाइंड ने पुलिस पर की फायरिंग
रविवार सुबह जब पुलिस टीम बोड़सरा गांव में गिरोह के मास्टरमाइंड को पकड़ने पहुंची, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस पर कट्टे से फायरिंग कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई. घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस अब तक इस मामले में दो नाबालिगों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से आठ आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया गया था. नौवें आरोपी की घेराबंदी के दौरान यह मुठभेड़ हुई.
हथियार, गाड़ियां और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं. इनमें स्टील रॉड, डंडे, बेल्ट, तीन मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और सात मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके अलावा लूटे गए मोबाइल और नकदी मिलाकर करीब 4.09 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है.
सभी आरोपियों के खिलाफ शिवरीनारायण और पामगढ़ थाने में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
एसपी ने दी जानकारी
जांजगीर-चांपा के एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपी गिरोह काफी क्रूर तरीके से वारदात को अंजाम देता था. इनका मकसद लगातार हमले करके इलाके में डर का माहौल बनाना था. उन्होंने बताया कि 27 से 29 जनवरी की रात गिरोह ने अलग-अलग जगहों पर हमला कर 13 लोगों को घायल किया था. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस गिरोह से और लोग तो जुड़े नहीं हैं.
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन जांच पूरी होने तक पुलिस सतर्क बनी हुई है.



















