नए फरमान और इस कार्रवाई की विभाग में काफी चर्चा हो रही है
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के आरपीएफ डीआईजी ने एक फरमान जारी किया है, जिसमें ऑन ड्यूटी स्टाफ के मोबाइल इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस आदेश की अवहेलना करने वाले स्टाफ पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। आरपीएफ के सूत्र बताते हैं कि कुछ दिनों पहले आरपीएफ के डीआईजी सरप्राइज विजिट पर रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। यहां बैगेज स्कैनर में ऑन ड्यूटी स्टाफ
मोबाइल इस्तेमाल करते हुए मिला, जिसका वीडियो डीआईजी ने बनाया। इसके बाद यह आदेश जारी किया गया है। इसके साथ मोबाइल इस्तेमाल करने वाले आरक्षक को सस्पेंड और ऑन ड्यूटी प्रभारी (एसआई) को कंट्रोल रूम में अटैच कर दिया गया है। नागपुर रेल मंडल के दो एएसआई को भी अटैच कर दिया गया है, इनकी ड्यूटी आरआरबी परीक्षा में बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि अधिकारी खुद ही सारी चीजे मोबाइल में मांगते है, जैसे आरआरबी परीक्षा में बैठे परीक्षार्थियों की तस्वीर, रेल मदद से जुड़ी जानकारी, मेरी सहेली समेत अन्य की जानकारी उन्हें तत्काल कंट्रोल रूम को उपलब्ध करानी होती है, यही कारण है कि स्टॉफ को ऑन ड्यूटी मोबाइल की जरूरत होती है। ऐसे में अब इस आदेश और इसके बाद कार्रवाई से पूरे जोन में हड़कंप मचा हुआ है और स्टॉफ अब ऑन ड्यूटी अपने हाथ में मोबाइल पकड़ने से भी डर रहे है।
एसआईबी का आरक्षक भी सस्पेंड
बिलासपुर रेल मंडल के शहडोल में पदस्थ एक एसआईबी के आरक्षक को भी कंट्रोल रूम अटैच कर दिया गया है। उक्त आरक्षक लंबे समय से शहडोल में ही पदस्थ है और पिछले दिनों दो कबाड़ियों की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी, जिसमें उक्त स्टाफ और उसके इंस्पेक्टर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बात कही गई थी। ये ऑडियो क्लिप नवभारत रिपोर्टर के पास भी सूत्रों से पहुंची थी, जिसके बाद बिलासपुर जोन में हड़कंप मचा। इस ऑडियो में उक्त स्टाफ को जोन के उच्च अधिकारियों का खास भी बताया गया था। इसकेबाद जांच हुई और एसआईबी स्टाफ को कंट्रोल में अटैच किया गया है। बता दें कि एसआईबी आरपीएफ की वह शाखा है, जो सीधे आईजी को रिपोर्ट करती है और उनका काम आरपीएफ स्टाफ की निगरानी करना होता है। सूत्र बताते है कि इस मामले में बातचीत करने वाले कथित कबाड़ियों का भी बयान दर्ज कर लिया गया है और एक इंस्पेक्टर पर भी इसकी गाज गिर सकती है।




















