मुंबई। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अवैध रूप से विज्ञापन और ‘बंगाली बाबा’ के पोस्टर लगाकर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेंट्रल रेलवे (CR) और वेस्टर्न रेलवे (WR) की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान के तहत 15,000 पोस्टरों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
संयुक्त टीम की छापेमारी
सीनियर डीएससी (Sr DSC/BB) के निर्देशों पर, 17 फरवरी 2026 को आरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि रे रोड (Reay Road) इलाके में फर्जी बाबाओं के विज्ञापन से जुड़ा एक गिरोह सक्रिय है।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सेंट्रल रेलवे के एसआईपीएफ (IT Cell) जी.के. राय, एएसआई पी.के. मिश्रा और वेस्टर्न रेलवे की टीम से एसआईपीएफ एस.के. सोनी ने दारूखाना स्थित मीरा अली दरगाह के पास छापेमारी की।
15 हजार पोस्टर बरामद
मौके से टीम ने मो. नजीर अंसारी (पिता: मो. राजुल) नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से लगभग 15,000 प्रिंटेड पोस्टर बरामद किए गए, जो रेलवे परिसर और ट्रेनों में चिपकाने के लिए तैयार किए गए थे।
मामला दर्ज
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रेलवे अधिकारियों की अनुमति के बिना अपने व्यवसाय के प्रचार के लिए रेलवे संपत्ति का दुरुपयोग कर रहा था। इसके बाद, आरोपी के खिलाफ वडाला (Vadala) में अपराध क्रमांक 104/2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 144, 145(b), 147 और 166 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की जांच जारी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने उन प्रिंटिंग एजेंसियों और अन्य संदिग्धों के बारे में भी जानकारी दी है, जो ट्रेनों के डिब्बों में ये पोस्टर चिपकाने और छापने में मदद करते थे। आरपीएफ अब प्रिंटिंग एजेंसी के साथ हुए लेनदेन (Transactions) की जांच कर रही है और रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।




















