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महतारी वंदन योजना: 65 लाख महिलाओं को फिर से कराना होगा ये काम

रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुँचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश की सभी 69 लाख से अधिक पात्र महिला हितग्राहियों का अब ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 जून तक प्रदेश भर के 22,000 सीएससी (CSC) केंद्रों में नि:शुल्क संचालित की जाएगी। डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी जिलों के कलेक्टरों को ई-केवाईसी के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। इससे लाभार्थियों की पात्रता और उनके जीवित होने का भौतिक सत्यापन हो सकेगा।

क्यों पड़ी ई-केवाईसी की जरूरत?
योजना के शुभारंभ (मार्च 2024) के समय केवल आधार कार्ड और बैंक खाते के आधार पर पंजीयन कर लिया गया था। जांच में सामने आया है कि कई महिलाओं ने आधार लिंक नहीं कराया है, वहीं कुछ के बैंक खाते और वैवाहिक स्थिति की जानकारी में त्रुटियां हैं। ई-केवाईसी के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि लाभार्थी जीवित हैं और वास्तव में पात्र हैं। बायोमेट्रिक मिलान (अंगूठे का निशान) के दौरान यदि डाटाबेस और पहचान में अंतर पाया गया, तो संबंधित हितग्राही का भुगतान होल्ड (रोक) कर दिया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां याद रखें:
• 1 अप्रैल – 30 जून: सीएससी केंद्रों पर नि:शुल्क ई-केवाईसी।
• 1 जुलाई – 31 अगस्त: वंचित हितग्राहियों के लिए विभाग में सत्यापन।
• आवश्यकता: बायोमेट्रिक (थंब इम्प्रेशन) अनिवार्य।

ई-केवाईसी का शेड्यूल और प्रक्रिया
विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को दो चरणों और अलग-अलग समय सीमा में बांटा है:
• प्रथम चरण (जारी): खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उन 4.25 लाख महिलाओं का सत्यापन किया जा रहा है जिनका प्रमाणीकरण शेष था। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
• द्वितीय चरण (1 अप्रैल से 30 जून): शेष 65 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जाएगा।
• विशेष अवसर (1 जुलाई से 31 अगस्त): जो महिलाएं निर्धारित समय में ई-केवाईसी नहीं करा पाएंगी, उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में सत्यापन का अंतिम मौका दिया जाएगा।

सीएससी केंद्रों को मिली जिम्मेदारी
चूंकि महिला एवं बाल विकास विभाग के पास पर्याप्त बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए राज्य सरकार ने सीएससी ई-गवर्नेस इंडिया लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश में संचालित 22,000 सीएससी और 4,564 ग्राम पंचायतों में स्थित अटल डिजिटल केंद्रों पर महिलाएं अपना सत्यापन करा सकेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की लॉगिन आईडी में पात्र महिलाओं की सूची अपलोड कर दी गई है।

योजना की अब तक की स्थिति
महतारी वंदन योजना के तहत अब तक कुल 25 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
• कुल राशि: अब तक लगभग 16,000 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।
• ताजा अपडेट: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर से 641 करोड़ रुपये की नवीनतम किस्त जारी की थी।
• योजना का स्वरूप: विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

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