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स्वामित्व योजना: सर्वे पूरा, लेकिन 16 जिलों में एक भी संपत्ति कार्ड नहीं बंटा

रायपुर। स्वामित्व योजना के तहत छत्तीसगढ़ में आबादी गांवों का बड़े स्तर पर सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, लेकिन संपत्ति कार्ड वितरण की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 15,791 अधिसूचित गांवों में ड्रोन सर्वे हो चुका है, जबकि कार्ड वितरण कई जिलों में शुरू ही नहीं हो पाया है।

16 जिलों में शून्य वितरण

हैरानी की बात यह है कि राज्य के 16 जिलों में अब तक एक भी संपत्ति कार्ड नहीं बांटा गया है। इनमें बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, नारायणपुर, बिलासपुर, मुंगेली, गरियाबंद, जीपीएम, जशपुर, एमसीबी, रायगढ़, रायपुर और सारंगढ़ शामिल हैं।

2709 गांवों के लिए ही कार्ड तैयार

प्रदेश में कुल 2709 गांवों के लिए ही 2,07,600 संपत्ति कार्ड तैयार किए जा सके हैं। इनमें से अब तक 1,33,487 कार्ड ही हितग्राहियों को वितरित किए गए हैं। वहीं, कुल लक्ष्य लगभग 10.5 लाख संपत्ति कार्ड वितरित करने का है।

13 हजार से अधिक गांवों में कार्ड तैयार नहीं

आंकड़ों के मुताबिक, अधिसूचित गांवों में से 13,082 गांव ऐसे हैं, जहां अब तक संपत्ति कार्ड तैयार ही नहीं हो पाए हैं। इससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।

इन जिलों ने दिखाई बेहतर प्रगति

संपत्ति कार्ड तैयार करने और वितरण में महासमुंद, बलौदाबाजार और धमतरी जिले आगे हैं। महासमुंद में करीब 39 हजार, बलौदाबाजार में 30 हजार और धमतरी में 26 हजार कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

क्या है योजना का उद्देश्य

आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, सितंबर 2021 से लागू इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को अधिकारों का वैध दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इस संपत्ति कार्ड के आधार पर ग्रामीण नागरिक बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।

पंचायत और राजस्व विभाग की भूमिका

योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों और राजस्व विभाग के बीच समन्वय अहम है। सर्वे, सत्यापन, सीमांकन और विवाद समाधान जैसी प्रक्रियाएं मिलकर पूरी की जाती हैं, जिसके बाद ही संपत्ति कार्ड जारी किया जाता है।

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