ब्रेकिंग खबरें

शिक्षा एवं रोजगारट्रेंडिंगराष्ट्रीय

NCERT को मिला विश्वविद्यालय का दर्जा, अब डिग्री देने का अधिकार, B.Ed समेत 5 कोर्स में दाखिले का नोटिफिकेशन जारी

शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी घोषित कर दिया है। इस दर्जे के बाद अब यह संस्था डिग्री भी दे सकेगी। इस नये दर्जे से एनसीईआरटी का काम सिर्फ स्कूली पाठ्यक्रम बनाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब यह संस्था डॉक्टरेट और नये तरह के कोर्स समेत कई तरह के अकादमिक कार्यक्रम भी शुरू कर सकेगी। तीस मार्च को शिक्षा मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की। इसमें एनसीईआरटी और उसकी छह सहयोगी इकाइयों को यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (यूजीसी) अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत एक ‘विशेष श्रेणी’ में ‘डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी’ घोषित किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय ने UGC की सलाह पर लिया बड़ा फैसला

अधिसूचना में कहा गया है, ‘शिक्षा मंत्रालय यूजीसी की सलाह पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद जिसमें इसकी छह सहयोगी इकाइयां शामिल हैं, को एक विशेष श्रेणी के तहत डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी घोषित करता है।’

अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग में स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान और भोपाल में स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, वे सहयोगी संस्थान हैं, जो शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किये गये इन नये नियमों का पालन करेंगे।

यूजीसी और एनसीटीई के नियमों के मुताबिक कराएगी कोर्स

इस घोषणा के साथ ही एनसीईआरटी अब यूजीसी के विनियामक दायरे में भी आ गया है। अधिसूचना में कहा गया है, एनसीईआरटी में चलाये जाने वाले सभी अकादमिक कार्यक्रम यूजीसी द्वारा तय किये गये नियमों और मानकों के अनुरूप होने चाहिए। यह भी कि कोई भी नया पाठ्यक्रम या परिसर के बाहर केंद्र खोलने के लिए यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं करेगी NCERT

इसके अलावा एनसीईआरटी को किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि करने से भी रोक दिया गया है। अधिसूचना में साफ तौर पर कहा गया है कि यह संस्था किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगी या उसे बढ़ावा नहीं देगी, जिसका मकसद व्यावसायिक या मुनाफा कमाना हो। यह बदलाव केंद्र सरकार के उस पिछले प्रस्ताव के लगभग तीन साल बाद हुआ है, जिसमें एनसीईआरटी को ‘राष्ट्रीय महत्व की संस्था’ का दर्जा देने की बात कही गयी थी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2023 में उस पिछले प्रस्ताव की घोषणा करते हुए कहा था कि इस कदम से एनसीईआरटी को एक शोध-आधारित संस्था के रूप में विकसित होने और वैश्विक स्तर पर अपनी अकादमिक भागीदारी का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

एनसीईआरटी ने कई कोर्सेज में दाखिले की अधिसूचना जारी की

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा पाने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दाखिले के लिए अधिसूचना जारी की है। शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए ये दाखिले कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) से होंगे। इच्छुक उम्मीदवार विभिन्न क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों में संचालित बीएड, एमएड और इंटीग्रेटेड कोर्सेज के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रवेश परीक्षा 28 जून 2026 को आयोजित की जानी निर्धारित है। इच्छुक उम्मीदवार https://cee.ncert.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी वेबसाइट पर समय के साथ सूचित की जाएगी

एनसीईआरटी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कोर्स:

– छह वर्षीय एम.एससी. एड. (M.Sc. Ed.)।

– दो वर्षीय बी.एड. (B.Ed.) ।

– तीन साल का बीएड. एम.एड. (B.Ed. M.Ed.)।

– दो साल का एम.ए. (शिक्षा प्रौद्योगिकी)।

– दो साल का एम.एड. (M.Ed.)

एनसीईआरटी की नौ प्रमुख घटक इकाइयां निम्नलिखित हैं

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भुवनेश्वर

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, मैसूर

एनईआरआईई (NERIE), शिलांग

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, नेल्लोर

एनआईई (NIE), नई दिल्ली

सीआईईटी (CIET), नई दिल्ली

पीएसएससीआईवीई (PSSCIVE), भोपाल

What's your reaction?

Related Posts