भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की रायपुर इकाई में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड अध्यक्षों की जारी की गई सूची को महज दो घंटे के भीतर ही रद्द कर दिए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। सूत्रों के अनुसार, रायपुर में हाल ही में घोषित वार्ड अध्यक्षों की सूची पर कई कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद संगठन स्तर पर तेजी से बदलाव करते हुए सूची को वापस ले लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई।
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दरअसल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने देर शाम 70 में से 66 वार्डों के अध्यक्षों की सूची जारी की थी। कुछ बड़े वार्डों में एक अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए थे, ताकि कामकाज बेहतर तरीके से चल सके। लेकिन सूची जारी होते ही पार्टी के अंदर सवाल उठने लगे। मामला प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) तक पहुंचा, जिसके बाद PCC महामंत्री मलकीत सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए इस सूची को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। आदेश में साफ कहा गया कि यह नियुक्ति बिना PCC के अनुमोदन के की गई थी, इसलिए इसे निरस्त किया जा रहा है।
इस्तीफों का सिलसिला भी शुरू
इस फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। कई जगहों पर असंतोष देखने को मिल रहा है और इस्तीफों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश ठाकुर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दुख जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पार्टी की ओर से स्थिति को संभालने की कोशिश भी जारी है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद ने कहा कि यह कोई मतभेद या गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि प्रक्रिया से जुड़ा विषय है, जिसे सुधार लिया जाएगा।
शहर अध्यक्ष मेनन का कहना है कि अब नई सूची PCC की मंजूरी के बाद ही जारी की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि संगठन में तालमेल की कमी कहीं न कहीं पार्टी के लिए चुनौती बन रही है।



















