रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (Rera) के अध्यक्ष संजय शुक्ला के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जांच का निर्देश दिया है। साथ ही भाजपा नेता नरेशचंद्र गुप्ता के द्वारा की गई शिकायत पर जांच कर उचित कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन मांगा है। यह निर्देश पीएमओ के अवर सचिव (एचआर सेल) ने सचिव कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेजकर निर्देशित किया है। डीओपीटी का यह पत्र छत्तीसगढ़ शासन मंत्रालय (महानदी भवन) पहुंच गया है। वर्तमान में यह जांच प्रक्रियाधीन बताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता नरेशचंद्र गुप्ता ने गत 31 अक्टूबर 2025 को पीएमओ, केंद्रीय गृहमंत्री और सीबीआई डायरेक्टर को शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर गत 9 फरवरी 2026 को पीएमओ कार्यालय के अवर सचिव (एचआर सेल) ने सचिव कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेजकर निर्देशित किया कि उचित कार्रवाई के लिए अग्रेसित करें। सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेता श्री गुप्ता ने 9 पेज की अपनी शिकायत में आईएफएस श्री शुक्ला पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत पत्र में राजधानी के वीआईपी रोड पर 11 एकड़ में बने वेडिंग लॉन का जिक्र किया है। साथ ही 4 एकड़ भूमि और खरीदने की जानकारी दी है। सिरपुर के बारनवापारा में 120 एकड़ में फार्म हाउस, धरमपुरा में 15 एकड़ भूमि, कबीर नगर में 9 एकड़ भूमि, मौलश्री विहार में एचआईजी डुप्लेक्स हाउस जैसी कई गंभीर जानकारियों का उल्लेख किया है। श्री गुप्ता ने शिकायत में पूर्व मुख्यसचिव रहे विवेक ढांड का श्री शुक्ला को वरदहस्त होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि किसी भी आरोपों की हम पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन पीएमओ के डीओपीटी को भेजे निर्देश के साथ शिकायत की कॉपी उपलब्ध है।
बहरहाल पिछले दिनों श्री गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ में यह भी लिखा था कि छत्तीसगढ़ में सीबीआई ने मेडिकल कॉलेज में अनियमितता के संबंध में सोसायटी/ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ जो चार्जशीट फाइल की है, उस पर और तथ्य भेजकर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है। यहां बताना लाजिमी होगा कि श्री शुक्ला के खिलाफ सीबीआई मान्यता के नाम पर मेडिकल कॉलेज द्वारा घूसकांड की जांच कर रही है। इसमें भी श्री शुक्ला को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने इस मामले में भी ईडी से भी कार्यवाही की मांग की गई है।




















