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विकास गर्ग 10 दिनों की ईडी रिमांड पर, महादेव सट्टा ऐप केस में बड़ी कार्रवाई

रायपुर।  प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल कार्यालय ने महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख आरोपी विकास गर्ग को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को 15 जुलाई 2026 को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 जुलाई 2026 तक यानी 10 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।

हर महीने 450 करोड़ से अधिक की कमाई

ईडी ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज अन्य प्राथमिकियों के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। इन एफआईआर में अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के प्रमोटरों, संचालकों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि यह सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेशों से संचालित होने वाले एक फ्रैंचाइजी-आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए काम करता है। इस अवैध धंधे से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की कमाई की जा रही थी।

शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में निवेश और अमेरिकी कंपनी की खरीद

जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से कमाए गए काले धन को सफेद करने के लिए ‘मल्टी-लेयर्ड’ (कई परतों वाले) ढांचे का इस्तेमाल किया गया। कैश के बदले फर्जी प्रविष्टियों और शेल (फर्जी) कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क का उपयोग किया गया।

काले धन को साफ करने का खेल यहीं नहीं रुका

दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम में स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी रूट के जरिए विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों में निवेश किया गया।

इस काली कमाई को वैध दिखाने के लिए विकास गर्ग की कंपनियों में घुमाया गया। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल अमेरिकी दिवाला अदालत के माध्यम से अमेरिका की बड़ी कंपनी एबिक्स इंक की 97.58% हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया। इसके अलावा भारत और विदेशों में बड़े पैमाने पर शेयर, प्रतिभूतियां और अन्य संपत्तियां बनाई गईं।

विकास गर्ग और परिवार की 940 करोड़ की संपत्ति अटैच

ईडी ने जांच के दौरान पाया कि विकास गर्ग के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद भी वह अपराध की इस काली कमाई को छिपाने और ट्रांसफर करने की लगातार कोशिशें कर रहा था। इससे पहले, 5 जून 2026 को एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इसमें उनके आलीशान रिहायशी मकान, जमीन, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं।

अब तक 4,000 करोड़ की संपत्ति जब्त

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी अब तक कुल 7 अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर चुकी है। रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में इस संबंध में पूरक शिकायतों सहित अभियोजन शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया है। ईडी इस मामले में अब तक विदेशों में मौजूद संपत्तियों सहित लगभग 4,000 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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