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97 हजार नल कनेक्शन आएंगे टैक्स के दायरे में, 20 हजार खाली प्लॉट भी रडार पर

रायपुर। राजधानी में पेयजल व्यवस्था पर होने वाले खर्च और उससे मिलने वाले राजस्व के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब मिशन अमृत योजना और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत दिए गए करीब 97 हजार नल कनेक्शनों पर वॉटर टैक्स लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही शहर के लगभग 20 हजार डायवर्टेड लेकिन खाली पड़े प्लॉटों से भी टैक्स वसूली की योजना बनाई जा रही है।

नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने 22 जुलाई को मुख्यालय में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में सभी जोन कमिश्नरों और राजस्व अधिकारियों को मिशन अमृत योजना के करीब 72 हजार तथा स्मार्ट सिटी योजना के लगभग 25 हजार नल कनेक्शनों का टैक्स निर्धारण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक इन अधिकांश कनेक्शनों में वॉटर मीटर लगे हुए हैं और अब मीटर रीडिंग के आधार पर टैक्स तय किया जाएगा।

20 हजार खाली प्लॉटों से 10 करोड़ से अधिक राजस्व की उम्मीद

नगर निगम शहर के ऐसे डायवर्टेड प्लॉटों का भी डाटा तैयार कर रहा है, जहां अब तक मकान या व्यावसायिक निर्माण नहीं हुआ है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार ऐसे करीब 20 हजार प्लॉट हैं, जिनसे निगम को 10 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय और भूइयां पोर्टल के रिकॉर्ड का उपयोग किया जाएगा। हालांकि, पुराने प्लॉटों पर टैक्स निर्धारण आसान नहीं होगा। कई लोगों ने 15 से 20 वर्ष पहले निवेश के उद्देश्य से जमीन खरीदी थी और अब तक निर्माण नहीं कराया है। ऐसे मामलों में टैक्स किस अवधि से लगाया जाए, इसे लेकर निगम कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। फिलहाल पिछले पांच वर्षों की खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है।

केंद्र की फंडिंग पर भी पड़ सकता है असर

बैठक में बताया गया कि शहर के करीब 3.38 लाख मकानों और दुकानों तक निगम के फिल्टर प्लांट से पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन जलापूर्ति से होने वाली आय स्मार्ट सिटी सुधार कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यदि टैक्स निर्धारण और राजस्व संग्रह में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में केंद्र सरकार से मिलने वाली फंडिंग प्रभावित हो सकती है। इसी कारण सभी पात्र नल कनेक्शनों को टैक्स के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

अवैध नल कनेक्शन होंगे नियमित

आयुक्त ने अधिकारियों को बारिश के दौरान पानी की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने, कम दबाव वाले क्षेत्रों के लिए सुधार प्रस्ताव तैयार करने तथा अवैध नल कनेक्शनों के नियमितीकरण मंण तेजी लाने के निर्देश दिए। निगम का मानना है कि नियमित कनेक्शनों की संख्या बढ़ने से उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बैठक में आयुक्त ने पिछले दो महीनों में 45 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व वसूली को अधिकारियों की बेहतर योजना और मेहनत का परिणाम बताते हुए नए राजस्व स्रोतों की पहचान कर वसूली अभियान को और तेज करने के निर्देश भी दिए।

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