सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए ओडिशा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही कॉलेजियम ने चार अलग-अलग उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी अनुशंसा की है।
जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी न्यायिक सेवा से जुड़ी रही है। उनके पिता स्वर्गीय सरत चंद्र मोहपात्रा न्यायिक सेवा में जज के पद पर कार्यरत रह चुके थे।
जस्टिस मोहपात्रा ने वर्ष 1988 में वकालत की शुरुआत की थी। अपने करीब 26 वर्षों के कानूनी करियर में उन्होंने सिविल, आपराधिक (क्रिमिनल), सेवा (सर्विस) और संवैधानिक मामलों में व्यापक अनुभव हासिल किया। कानूनी क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए उन्हें 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
करीब एक दशक तक ओडिशा हाई कोर्ट में न्यायिक सेवाएं देने के बाद अब उनका स्थानांतरण छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में किया गया है। न्यायिक क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को मिलेगा और महत्वपूर्ण मामलों के निपटारे में उनकी भूमिका अहम रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम समय-समय पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में प्रशासनिक संतुलन, न्यायिक आवश्यकताओं और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीशों के तबादले तथा नियुक्तियों की सिफारिश करता है। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है।


















