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सब्जी नहीं बनाने पर पति ने की थी पत्नी की हत्या, शव जलाकर आंगन में दबाए अवशेष; पति गिरफ्तार

जिले के कापू थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पत्नी की हत्या के मामले का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मामूली विवाद के बाद आरोपी पति ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद पहचान और सबूत छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जला दिया और बचे हुए अवशेषों को जमीन में दबा दिया। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने खुद थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि हत्या का शक उस पर न जाए।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतका की पहचान की और घटना की कड़ी आरोपी पति तक पहुंचाई। जांच में सामने आए तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

भाजी बनाने को लेकर हुआ विवाद

मृतिका के परिजनों और पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतिका चमेली सिदार (26 वर्ष) और आरोपी देवानंद सिदार (39 वर्ष) की शादी करीब चार साल पहले प्रेम संबंध के चलते हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी. घटना 16 अप्रैल 2026 की रात की है. आरोपी ने बताया कि उस रात भाजी नहीं बनाने को लेकर उसका पत्नी चमेली से विवाद हो गया था. गुस्से में आकर आरोपी ने चमेली का गला मरोड़कर दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए क्रूरता की हदें पार कर दीं. उसने शव को घर के आंगन में ही जला दिया और बची हुई हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थरों के नीचे दबा दिया. पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से उसने 28 अप्रैल 2026 को कापू थाने पहुंचकर पत्नी के 16 अप्रैल की रात से बिना बताए कहीं चले जाने की झूठी गुमशुदगी दर्ज करा दी.

डीएनए टेस्ट और पुलिस की सूझबूझ से खुला सच

तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने जब गुमशुदगी की जांच शुरू की, तो पति देवानंद के बयानों और उसके हाव-भाव में विरोधाभास नजर आया. संदेह गहराने पर पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल (आंगन) की बारीकी से जांच की और वहां से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद किए. हड्डियों के नमूनों का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि अवशेष गुमशुदा चमेली सिदार के ही हैं. वैज्ञानिक सबूत हाथ लगने के बाद पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर लिया.

तीन दिन तक जंगल-गांव में कैंप कर दबोचा आरोपी

पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी देवानंद फरार हो गया था. कापू थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा. आखिरकार पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया, जहां कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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