बिलासपुर. नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई श्रद्धालुओं से संपर्क टूट गया है. इनमें बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी भी शामिल हैं. मंजू राय तीर्थयात्रा कराने वाली संस्था के माध्यम से परिचितों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं. उनसे संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मदद की गुहार लगाई है.
परिजनों के मुताबिक, आपदा की खबर सामने आने से पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि मंजू राय का दल मानसरोवर के दर्शन कर सुरक्षित वापसी के लिए रवाना हो चुका है. इसके बाद से ही उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश करने पर वह नेटवर्क कवरेज क्षेत्र से बाहर बता रहा है. इससे परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ गई है.
परिजनों ने राज्य सरकार से मंजू राय की लोकेशन का पता लगाने में मदद करने का आग्रह किया है. साथ ही भारतीय दूतावास के माध्यम से जानकारी जुटाने की मांग की गई है. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क से बाहर यात्रियों की जानकारी जुटाने तथा उपलब्ध सूचियों का मिलान करने में जुटे हैं. नेपाल के रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में भोटे कोशी नदी के उफान से कई पुल और प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त होने या बह जाने की जानकारी है. मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचने से कई इलाकों में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. ऐसे में यात्रियों से संपर्क नहीं हो पाने की एक वजह नेटवर्क व्यवस्था ठप होना भी माना जा रहा है.
प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और अन्य एजेंसियों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है. हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर काठमांडू पहुंचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है. परिजनों को उम्मीद है कि मंजू राय भी सुरक्षित स्थान पर होंगी और संचार व्यवस्था बहाल होने के बाद उनसे संपर्क हो सकेगा.


















