भारी बारिश ने पहाड़ों के सफर और ट्रैकिंग पर ब्रेक लगा दिया है। उत्तराखंड में रविवार को 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों को अलग-अलग जगहों पर रोका गया। कालिंदी ट्रैक समेत तमाम स्थानों पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। केदारनाथ से 1200 यात्री रेस्क्यू किए गए हैं। छह हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं और संभावित रेस्क्यू प्वाइंट के आसपास हेलीपैड चिन्हित करते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। वहीं मौसम के हाई अलर्ट को देखते हुए हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों-श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। दूसरी ओर, केदारनाथ यात्रा रविवार को पूरी तरह बंद रही।
आज रेस्क्यू ऑपरेशन
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि कालिंदी ट्रैक समेत कुछ जगह ट्रैकिंग के लिए गए पर्यटकों के साथ पोर्टर भी फंसे हैं। उन्हें सुरक्षित नीचे लाने के लिए छह हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौसम साफ होने पर आज रेस्क्यू होगा।
केदारनाथ जा रहे यात्रियों को गौरीकुंड, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में रोका गया है। गंगोत्री-यमुनोत्री जा रहे यात्री बड़कोट, दोबाटा और खराड़ी में रोके गए। हेमकुंड यात्रियों को घांघरिया और गोविंद घाट से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। फूलों की घाटी भी रविवार को बंद रही। इसके अलावा सिरोबगड़ में भी मार्ग दिनभर बंद होता रहा। गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग दिनभर बंद होते रहे। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा रविवार को भी ठप रही।
कहां कितने यात्री रोके
केदारनाथ जाने वाले करीब पांच हजार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। एक हजार यात्री केदारनाथ धाम में रुके हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले करीब सात हजार यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया। 1100 तीर्थयात्री घांघरिया गुरुद्वारा, 200 से 300 यात्री होटलों में रुके हैं। करीब 1200 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट में रोका गया है। 200 पर्यटकों को फूलों की घाटी जाने से रोका गया।
18 ट्रैकर बेस कैंप में
उत्तरकाशी। कालिंदी ट्रैक पर 18 ट्रैकरों के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन सक्रिय है। डीएम प्रशांत आर्य ने सभी ट्रैकरों के बेस कैंप में सुरक्षित होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी ट्रैकरों से लगातार संपर्क बना हुआ है। मौसम साफ होने पर सोमवार को हेलीकॉप्टर से रेकी की जाएगी।
घांघरिया-गोविंदघाट में रोक दिए गए श्रद्धालु
ज्योतिर्मठ। मौसम के अलर्ट को देख प्रशासन के निर्देश पर हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों को घांघरिया में रोका गया। गुरुद्वारा ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सेवा सिंह के मुताबिक करीब 1100 तीर्थयात्री घांघरिया गुरुद्वारे, जबकि 200 से 300 यात्री होटलों में रुके हुए हैं। वहीं, करीब 1200 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट में भी रोका गया है।
सोनप्रयाग-गौरीकुंड में यात्रियों को आगे जाने से रोका
रुद्रप्रयाग। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ धाम की यात्रा रविवार को भी पूरी तरह बंद रही। सोनप्रयाग से गुप्तकाशी तक करीब पांच हजार यात्री होटल और विश्राम गृहों में रुके हुए हैं, करीब एक हजार यात्री केदारनाथ में हैं। रविवार को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। यात्रियों को आगे जाने से रोका गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रविवार को पैदल मार्ग पर आवाजाही नहीं हुई। सोमवार को मौसम की स्थिति के आधार पर इस यात्रा पर निर्णय होगा।
29 घंटे ठप रहा एनएच, 1100 यात्रियों का रेस्क्यू
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट एनएच पर चार दिनों से पहाड़ियों से लगातार पत्थर और बोल्डर गिर रहे हैं। यहां करीब 29 घंटे तक एनएच बाधित रहा। एई डीएस जरमाल ने बताया कि दोनों तरफ से चार-चार मशीनें लगाई गई। अब यहां यातायात सुचारु कर दिया गया है। वहीं, एसडीआरएफ से मिली जानकारी के मुताबिक सब इंस्पेक्टर डुंगर सिंह अधिकारी के नेतृत्व में जवानों ने करीब 1100 यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित पार कराया।
रुद्रनाथ ट्रैक पर तीर्थयात्री घायल
गोपेश्वर। रुद्रनाथ ट्रैक पर सगर गांव से करीब चार किमी आगे यात्री पहाड़ी से फिसलकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर ही रेस्क्यू अभियान चलाया। घायल यात्री को खाई से निकाला। एसडीआरएफ के अनुसार, रविवार को रुद्रनाथ ट्रैक पर अशोक (36 वर्ष) पुत्र श्रीकांत निवासी मद्रास खाई में गिर गए थे।


















