मध्यप्रदेश का एक श्याम भक्त इन दिनों अनोखी तपस्या से चर्चा में है. वह 2100 लोहे की कीलों पर पेट पलायन करते हुए खाटूश्यामजी पहुंच रहा है. कठिन साधना देख श्रद्धालु भावुक हो रहे हैं.

Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले में बने विश्वप्रसिद्ध खाटू श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण इन दिनों देखने को मिल रहा है. जिसमें मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी सोनू एक कठिन साधना करते हुए रींगस से खाटूश्यामजी तक की यात्रा पर निकले हैं.
पेट पलायन से पूरी कर रहे 17 किलोमीटर का सफर
सोनू पिछले चार दिनों से 2100 लोहे की कीलों पर पेट पलायन कर रहे हैं. हर कील लगभग 5 इंच लंबी है और इनका कुल वजन करीब 26 किलोग्राम बताया जा रहा है. इन्हीं नुकीली कीलों पर लेटकर वह धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं. यह साधना शारीरिक रूप से बेहद कठिन मानी जाती है लेकिन उनकी आस्था उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है.
फाल्गुनी मेले में हर साल निभाते हैं संकल्प
श्याम भक्त सोनू ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से फाल्गुनी मेले के दौरान इसी तरह कठिन यात्रा कर बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाते आ रहे हैं. इस वर्ष भी वह छठे दिन एकादशी के पावन अवसर पर दर्शन करेंगे. उनकी एक ही मनोकामना है कि बाबा श्याम हर वर्ष उन्हें इसी तरह अपने दर पर बुलाते रहें.
श्रद्धालुओं में उमड़ा भावनात्मक माहौल
मार्ग में मौजूद श्रद्धालु उनकी तपस्या देखकर भावुक हो रहे हैं. जयकारों के साथ लोग उनका हौसला बढ़ा रहे हैं. आस्था और विश्वास की यह मिसाल हर किसी को प्रेरित कर रही है.




















