भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली-पानी (यूटिलिटीज) सेक्टर के अडानी ग्रुप ने आज H1 FY26 (अप्रैल से सितंबर 2025 तक) की अपनी कमाई का ब्यौरा जारी किया। इस रिपोर्ट में ग्रुप की पैसों की ताकत और मुश्किल समय में डटे रहने की क्षमता को दिखाया गया है।
यह रिपोर्ट सिर्फ 6 महीने का हिसाब नहीं देती, बल्कि 2019 से अब तक की लंबी अवधि में ग्रुप की मजबूती और टिकाऊपन का हाल बताती है।
ग्रुप का दावा: हमने खूब खर्च किया, फिर भी कर्ज़ काबू में
अडानी ग्रुप के CFO, श्री जुगेशिंदर सिंह ने कहा: ‘हम भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स (पूंजीगत खर्च या कैपेक्स) पर खूब पैसा लगा रहे हैं। इसके बावजूद, हमारे मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर बिज़नेस में तेजी से ग्रोथ हो रही है। इस छमाही में, मौसम का असर होने के बाद भी हमने सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है।’
उन्होंने बताया कि ‘सबसे बड़ी बात यह है कि ₹1.5 लाख करोड़ खर्च करने के बावजूद, हमारा कर्ज़ का हिसाब (Debt Metrics) हमारे बताए गए दायरे से नीचे ही है-जो दिखाता है कि हम पैसों के मामले में कितने सख्त हैं।’ CFO ने आगे कहा कि ‘जो बिजनेस हमने 25 सालों में खड़ा किया, अब हम उसे एक साल में दोहराने की तैयारी कर रहे हैं। जैसे ही हमारे नए प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे, हमें उम्मीद है कि हमारे एसेट पर कमाई (Returns on Asset) 15-16% बनी रहेगी। हमारा ध्यान काम को बिना गलती के पूरा करने और विश्वस्तरीय ऑपरेशन चलाने पर है।’



















