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‘लैंड जिहाद’ का आरोप: राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की जमीन पर कब्जे की शिकायत, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष संरक्षित जनजाति समुदाय के लोगों की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर ‘लैंड जिहाद’ का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के लोगों की जमीन पर कथित रूप से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत प्रशासन से की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि अवैध कब्जा पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उदयपुर इलाके के राजा कटेल गांव में पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लोगों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टर और सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक से की है. शिकायत के बाद सरगुजा कलेक्टर ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.  वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर जमीन खाली कराने की मांग कर रहे हैं. इस मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है और भारतीय जनता पार्टी ने तेज कार्रवाई की मांग की है.

एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समाज के लोग अंबिकापुर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की. इस दौरान उनके साथ आदिवासी समाज के पदाधिकारी और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद थे. ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले मुस्लिम समुदाय के दो-तीन लोग उनके गांव पहुंचे थे और उन्होंने बताया था कि वे बकरी खरीदने का काम करते हैं. उस समय उन्होंने कुछ दिनों के लिए बकरियों को रखने के लिए जमीन पर झोपड़ी बनाने की अनुमति मांगी थी.

धीरे-धीरे बढ़ी लोगों की संख्या, कब्जे का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआती दिनों में कुछ लोग ही आए थे, लेकिन धीरे-धीरे मुस्लिम समुदाय के अन्य लोग भी गांव में आने लगे. इसके बाद उन्होंने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि जब उनसे जमीन खाली करने के लिए कहा गया तो उन्होंने हटने से इनकार कर दिया और वहीं स्थायी रूप से रहने लगे.

धमकी देने का भी आरोप

गांव वालों का कहना है कि अब मुस्लिम समुदाय के लोग सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं और खुद को गांव का निवासी बताने लगे हैं. ग्रामीणों के अनुसार जब उनसे जमीन खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे जान से मारने की धमकी देते हैं और वाहन से कुचलने की धमकी भी देते हैं. इसी कारण जनजातीय समुदाय के लोग भय के माहौल में जी रहे हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

15 एकड़ जमीन पर कब्जे का दावा

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में गांव में 200 से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोग बस गए हैं. इनमें से अधिकतर लोग बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इन लोगों ने जनजातीय परिवारों के करीब 20 लोगों की 15 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया है.

बीजेपी ने भी की कार्रवाई की मांग

इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. कुछ दिन पहले भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता राजा कटेल गांव पहुंचे थे और ग्रामीणों से मुलाकात की थी. भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी.

टीएस सिंहदेव का बयान भी आया सामने

इस मामले पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग उनसे मिलने आए थे और उन्होंने बताया कि वे करीब 25 से 30 साल से माजा ग्राम पंचायत के राजा कटेल गांव में रह रहे हैं. उनके अनुसार वहां लगभग 10 परिवार रहते हैं, जिनमें से चार परिवार पंडो जनजाति के लोगों की पट्टे की जमीन पर रह रहे हैं, जो नियम के विरुद्ध है.

बाकी लोग गौचर मद की सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान भी बन चुके हैं. सिंहदेव ने कहा कि कुछ लोग बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक का माहौल बनाकर राजनीति करना चाह रहे हैं और पंडो जनजाति के लोगों का उपयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले में प्रशासन को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.

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