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असम को युद्ध की स्थिति में ‘बैकअप’ राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि राज्य को युद्ध या आपातकालीन स्थिति में ‘बैकअप’ राज्य के रूप में मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राज्य में अधिक आपातकालीन लैंडिंग सुविधाएं (ईएलएफ) स्थापित करने की मांग की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को डिब्रुगढ़ जिले के मोरान में पूर्वोत्तर के पहले ईएलएफ का उद्घाटन करने के एक दिन बाद यह घोषणा की गई।

 मुख्यमंत्री ने लोक सेवा भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा को देखते हुए कई राजमार्ग और रणनीतिक परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन असम को युद्ध की स्थिति में बैकअप राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।” मोरान ईएलएफ चीन सीमा से महज 200 किमी और म्यांमार से 70 किमी दूर स्थित है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह सुविधा बाढ़ जैसी आपदाओं में भी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए उपयोगी होगी।

शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष हर प्रमुख विकास परियोजना का विरोध करता है। उन्होंने ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी गलियारा) को काटने की पुरानी धमकियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब असम में रणनीतिक संपत्तियां मजबूत हो रही हैं, जिससे प्रधानमंत्री कभी नहीं कहेंगे कि “माई हार्ट गोज टू द पीपुल ऑफ असम”, बल्कि कहेंगे कि “भारत दुश्मनों की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।”

ब्रह्मपुत्र के नीचे भारत की पहली रेल-सह-सड़क अंडरवाटर टनल 

मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा हाल ही में मंजूर 18,662 करोड़ रुपये की गहपुर-नुमलीगढ़ रेल-सह-सड़क अंडरवाटर टनल परियोजना को “असम के लिए बड़ी जीत” और “गेम चेंजर” बताया। यह भारत की पहली ऐसी टनल होगी, जो ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी और विश्व में जर्मनी-डेनमार्क के फेहमर्नबेल्ट लिंक के बाद दूसरी होगी। कुल लंबाई 33.7 किमी होगी, जिसमें 15.79 किमी अंडरवाटर टनल और बाकी अप्रोच रोड शामिल हैं। परियोजना पांच साल में पूरी होगी, जिससे यात्रा समय 6 घंटे से घटकर 20 मिनट रह जाएगा और कनेक्टिविटी में क्रांति आएगी।

चार नए हवाई अड्डों का प्रस्ताव 

शर्मा ने घोषणा की कि अगले महीने नागर विमानन मंत्रालय के साथ समझौता होगा, जिसके तहत माजुली, डिफू (डिमापुर?), उमरांगसो और मानस में चार नए हवाई अड्डों की व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। यदि भूमि उपलब्ध हुई तो अगले पांच साल में ये एयरपोर्ट तैयार हो सकते हैं।

गुवाहाटी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल 22 फरवरी से चालू 

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया टर्मिनल 22 फरवरी से संचालित होगा। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित यह टर्मिनल यात्रियों की क्षमता बढ़ाएगा और पूर्वोत्तर में गुवाहाटी को प्रमुख विमानन केंद्र बनाएगा।

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