रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव सट्टा ऐप ठगी के फरार मुख्य प्रमोटर रवि उप्पल समेत आठ आरोपियों की 21.45 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच कर ली है। इसमें 98.55 लाख रुपए की चल संपत्ति और भारत और दुबई की अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी ने महादेव सट्टा ऐप ठगी मामले में अब तक 2 हजार 621 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। इस मामले में 175 से ज़्यादा जगहों पर छापेमारी की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया। इस तरह अभी तक न्यायालय में 5 चालान दायर कर 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।
ईडी ने मंगलवार को एक बयान जारी कर पीएमएलए 2002 के तहत दर्ज एफआईआई महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) के अवैध सट्टेबाजी संचालन को लेकर जांच कर रही है। गत 10 जनवरी 2026 को 21.45 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच की गई है। इसमें आवासीय घर, व्यावसायिक दुकानें, कृषि भूमि और लग्जरी अपार्टमेंट शामिल हैं, जिनका करीब कुल मूल्य 21.46 करोड़ रुपए है। ईडी ने अपने बयान में बताया कि छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की।
इन आरोपियों की संपत्तियां हुई अटैच
रवि उप्पल- मुख्य प्रमोटर के रूप में पहचान की गई, जो अभी फरार है। इसके दुबई में लगभग 6.75 करोड़ रुपये की एक विदेशी संपत्ति अटैच की गई है।
रजत कुमार सिंह – यह आरोपी सौरभ चंद्राकर का करीबी है, इसने कई पैनल संचालित कर 15-20 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इसके भिलाई और दुबई की संपत्तियां अटैच की गई हैं।
सौरभ आहूजा व विशाल रमानी दोनों साझेदारों द्वारा करीब 100 पैनल संचालित किए और लगभग 30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। इनके दुर्ग और भिलाई की संपत्तियां अटैच की गई हैं।
विनय कुमार व हनी सिंह दोनों ने छह पैनल संचालित किए और सट्टेबाजी ऐप के फर्जी प्रचार में शामिल रहे। दोनों ने करीब 7 करोड़ की अवैध कमाई की। इनके जयपुर और नई दिल्ली में आवासीय संपत्तियों के साथ-साथ महिंद्रा था। और टोयोटा फॉर्च्यूनर सहित वाहनों का एक बेड़ा अटैच किया गया।
लकी गोयल आरोपी टेलीग्राम-आधारित प्रचार में शामिल रहा और लगभग 2.55 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। इसके राजस्थान में कई दुकानें और प्लॉट अटैच किए गए।
राजा गुप्ता- दुबई में ऑपरेटर था, जो 10 पैनलों का प्रबंधन कर रहा था। इसकी रायपुर में एक अचल संपत्ति जो अवैध कमाई से हासिल की थी, उसे अटैच करने की तैयारी है।




















