Balco Cancer Treatment Center: रायपुर. विश्व कैंसर दिवस से पहले बाल्को मेडिकल सेंटर ने एक बार फिर यह दिखाया है कि मध्य भारत में अब कैंसर का अच्छा और सस्ता इलाज भी मिल सकता है. वेदांता लिमिटेड की पहल पर रायपुर में बना यह अस्पताल आज क्षेत्र के बड़े कैंसर सेंटरों में गिना जाता है.
रायपुर स्थित बाल्को मेडिकल सेंटर में 170 बेड की आधुनिक सुविधा है. यहां मरीजों को जांच से लेकर सर्जरी और इलाज तक सारी सेवाएं एक ही जगह मिलती हैं. अस्पताल का मकसद है कि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें.

साल 2018 में शुरू होने के बाद से अब तक यहां करीब 65,000 मरीजों का इलाज किया जा चुका है. इसके अलावा लगभग 12,000 बड़ी सर्जरी और 80,000 से ज्यादा कीमोथेरेपी सेशन किए गए हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि सेंटर लगातार बड़ी संख्या में लोगों की मदद कर रहा है.
अस्पताल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है. बीएमसी ने 500 से ज्यादा हेल्थ कैंप और कैंसर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए हैं. इन कैंपों में गांव और शहर दोनों जगह लोगों की जांच की जाती है, ताकि बीमारी का पता जल्दी चल सके.
डॉक्टरों का कहना है कि भारत में अक्सर कैंसर का पता देर से चलता है. ऊपर से अच्छे अस्पताल बड़े शहरों में ही मिलते हैं. ऐसे में छोटे शहरों और गांवों के लोगों को काफी दिक्कत होती है. बाल्को मेडिकल सेंटर जैसे अस्पताल इस दूरी को कम कर रहे हैं और इलाज लोगों के पास ला रहे हैं.
हाल ही में यहां एक बहुत जटिल सर्जरी भी की गई. 42 साल के एक मरीज का पैंक्रियाटिक कैंसर का बड़ा ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया. यह सर्जरी आमतौर पर देश के गिने-चुने बड़े अस्पतालों में ही होती है.
वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की चेयरपर्सन ज्योति अग्रवाल ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और जल्दी इलाज बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि सेंटर का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अच्छी इलाज सुविधा पहुंचाना है.
मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने बताया कि अगर कैंसर का पता समय पर चल जाए तो इलाज के नतीजे काफी बेहतर होते हैं. इसलिए अस्पताल स्क्रीनिंग और जागरूकता पर खास जोर दे रहा है.
विश्व कैंसर दिवस के मौके पर बीएमसी ने कई स्क्रीनिंग कैंप लगाए हैं. स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जांच और जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं. 1 से 7 फरवरी 2026 तक कुछ हेल्थ पैकेज पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जांच करा सकें.
अस्पताल में इलाज के साथ मरीजों को मानसिक, पोषण और फिजिकल थेरेपी की मदद भी दी जाती है. सपोर्ट ग्रुप के जरिए उन्हें भावनात्मक सहारा भी मिलता है.
कुल मिलाकर, बाल्को मेडिकल सेंटर मध्य भारत के लोगों के लिए कैंसर इलाज की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है. अब लोगों को दूर जाने की बजाय अपने ही राज्य में बेहतर इलाज मिल रहा है.



















