Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ बजट सत्र 2026 की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि देश सामाजिक न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और सरकार भ्रष्टाचार से सख्ती से निपट रही है. राष्ट्रपति ने साफ कहा कि हमें न किसी को डराना है और न ही किसी से डरना है.
इस दौरान जैसे ही VB- जी राम जी कानून का जिक्र हुआ, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया और कानून को वापस लेने की मांग करने लगे.
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बजट सत्र की तारीखें और बैठकें
बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा. यह सत्र दो हिस्सों में होगा.
- पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा.
- दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा.
इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी. 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा.
आर्थिक स्थिति और महंगाई पर बात
राष्ट्रपति ने रविंद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक देश आत्मनिर्भर नहीं बनता, तब तक आजादी अधूरी है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में देश की आर्थिक हालत मजबूत हुई है. महंगाई को काबू में रखने का रिकॉर्ड बनाया गया है. इसका सीधा फायदा गरीबों और मध्यम वर्ग को मिला है.
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आतंकवाद और माओवाद पर सख्त रुख
राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने अपना शौर्य दिखाया है और आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी किसी आतंकी हमले का जवाब मजबूती से दिया जाएगा.
माओवाद पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अब हालात काफी बदले हैं. पहले जहां 126 जिले प्रभावित थे, अब यह संख्या घटकर 8 रह गई है. इनमें से सिर्फ 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं. 2 हजार से ज्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
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भारत के विकास और विदेश नीति की बात
राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया इस समय कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसकी वजह देश की मजबूत और दूरदर्शी विदेश नीति है. दुनिया के देश भारत पर भरोसा करते हैं. भारत ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से आगे रख रहा है और मानवता को प्राथमिकता दे रहा है.
महिलाओं के लिए योजनाएं
राष्ट्रपति ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब सभी को बराबर मौके मिलें. सरकार ने महिलाओं के लिए कई खास योजनाएं शुरू की हैं. अब तक 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं. लक्ष्य 3 करोड़ और महिलाओं को जोड़ने का है. 60 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. ड्रोन दीदी योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है.
रेल, अंतरिक्ष और रोजगार पर फोकस
राष्ट्रपति ने बताया कि देश में अभी 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है. यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते से सेवा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के मौके पैदा होंगे.



















