रायपुर। ईओडब्ल्यू ने सोमवार को प्रदेश के बहुचर्चित अवैध कोल लेवी वसूली मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया के निज सहायक जयचंद कोशले के खिलाफ 1000 पेज का चालान प्रस्तुत किया।
कोल लेवी वसूली राशि का रिसीवर रहा पीए
जयचंद कोशले कोल लेवी वसूली राशि का रिसीवर व मध्यस्थ था, जो सौम्या चौरसिया के कहने पर अवैध राशि का लेनदेन करता था। विभिन्न डिजिटल साक्ष्य से जांच के दौरान 7-8 करोड़ रुपए वसूली की पुष्टि हुई और इसमें जयचंद कोशले ने भारी-भरकम कमीशन भी लिया है।
बता दें कि जयचंद कोशले पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। अवैध कोल लेवी वसूली मामले में कुल 20 आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। ईओडब्ल्यू ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया कि अवैध कोल लेवी वसूली मामले में आरोपी जयचंद कोशले के विरुद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 एवं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 7, 7ए एवं 12 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध है। आरोपी जयचंद कोशले उर्फ जय सौम्या चौरसिया के अधीनस्थ रहकर तत्कालीन मुख्यमंत्री सचिवालय में निज सहायक था और अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी-भरकम नगद राशि का वास्तविक रिसीवर एवं मध्यस्थ था। आरोपी द्वारा अवैध कोल लेवी वसूली से करीब 7 से 8 करोड़ रुपए सौम्या चौरसिया के लिए प्राप्त किया गया।
जब्त डायरी से हुआ खुलासा
एजेंसी ने दावा किया कि जब्तशुदा डायरी में जय नाम से अंकित सभी एंट्री जय/सौम्या चौरसिया से संबंधित हैं। डायरी में लिखी गई सभी प्रविष्टियां उसी के माध्यम से संचालित अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं। जयचंद कोशले अपराध की पूरी श्रृंखला में एक अनिवार्य कड़ी रहा, जिसने न केवल अवैध धनराशि को भौतिक रूप से प्राप्त किया। बल्कि उसे आगे सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाई। इस प्रकार वह अपराध से अर्जित धन की रिसीविंग, कस्टडी और ट्रांसफर की प्रक्रिया में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता पाया गया है। अभियुक्त जयचंद कोशले सौम्या चैरसिया के निर्देश पर सूर्यकांत तिवारी के निवास स्थान एवं अन्य जगहों से रकम रिसीव कर मनीष उपाध्याय या सौम्या चौरसिया के बताये गये व्यक्ति को देता था।



















